गोपाल खेमका कौन थे? पहले बड़े बेटे की हत्या अब पिता, छोटे बेटे पर भी चली थी गोली, मर्डर केस की अबूझ पहेली

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July 5, 2025

पटनाः बिहार के बड़े कारोबारी और पटना के मगध अस्पताल के मालिक गोपाल खेमका की शुक्रवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। घात लगाए बदमाशों ने पटना के रामगुलाम चौक स्थित अपार्टमेंट के पास गाड़ी से उतरते ही गोलियां बरसा दी। इस परिवार में यह दूसरा मर्डर है। उनके बड़े बेटे गुंजन खेमका की 2018 में हत्या कर दी गई थी। खेमका के छोटे बेटे पर भी गोली चली थी। इस हाई प्रोफाइल मर्डर केस में डीजीपी विनय कुमार के आदेश पर एसआईटी का गठन कर छानबीन शुरू कर दिया गया है। सेंट्रस एसपी दीक्षा इसे लीड कर रही हैं। इधर खेमका की पत्नी और परिवार के लोग दिल्ली से पटना पहुंच गए हैं।

बिहार के बड़े उद्योगपति गोपाल खेमका की पटना में गोली मारकर हत्या, बेटे की 7 साल पहले हो चुकी है हत्या
जानकारी के मुताबिक गोपाल खेमका एक डॉक्टर थे। एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद गोपाल खेमका ने हेल्थकेयर के सेक्टर में अपना बिजनेस से शुरू किया। उन्होंने पटना के राजेंद्र नगर में मगध हॉस्पिटल खोला। धीरे-धीरे उन्होंने कारोबार का विस्तार किया। कई फैक्ट्रियां खोलीं। वैशाली के हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में उनकी कार्टन फैक्ट्री थी जिसकी देखरेख बड़े बेटे गुंजन खेमका कर थे। उनका पेट्रोल पंप का भी कारोबार है। उनकी गिनती बिहार के बड़े उद्योगपतियों में की जाती है। हालांकि बेटे गुंजन की हत्या के बाद उन्होंने कई कारोबार को बेच कर समेट लिया था।

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बेटे गुंजन खेमका की हत्या के मामले में पुलिस ने एक अपराधी को गिरफ्तार भी किया था लेकिन हत्या के कारणों का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया। इस मामले में पुलिस ने जिस मस्तु सिंह को गिरफ्तार किया था उसकी भी हत्या कर दी गयी।खेमका के पड़ोसियों ने बताया है कि कुछ माह पहले गोपाल खेमका के छोटे बेटे पर गोली चलाई गई थी लेकिन वे बच गए।गोपाल खेमका और गुंजन खेमका की हत्या का पेटर्न एक ही है। गुंजन हत्याकांड के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हो पाया था इसके बाद एक और मर्डर ने खेमका परिवार को तोड़कर रख दिया है और ये मर्डर मिस्ट्री बन गई है। पुलिस के सामने दोनों हत्याकांड का खुलासा करना एक बड़ी चुनौती है।

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गोपाल खेमका भारतीय जनता पार्टी के नेता भी थे। लेकिन बेटे की हत्या के बाद राजनीति से किनारा कर लिया था। वे बांकीपुर क्लब के सदस्य थे। इस क्लब के गोपाल खेमका सचिव भी रह चुके थे। खेमका की हत्या से बिहार के व्यवसायियों में खौफ छा गया है। बताया जा रहा है कि बिहार में कारोबारियों पर टारगेटेड हमले का दौर फिर से शुरू हो गया है। बेटे की हत्या के बाद भी गोपाल खेमका की सिक्योरिटी थ्रेट को पुलिस भांप नहीं पाई। इसी वजह से अपराधियों ने घर के पास उनकी हत्या कर दी और फरार हो गए।इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

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