दिल्लीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली में झारखंड भवन में हूल आंदोलन के मुखिया सिदो – कान्हु एवं चांद – भैरव को की तस्वीर पर माल्यार्पण अर्पित कर दी श्रद्धांजलि । हेमंत सोरेन ने कहा कि अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और हजारों वीर शहीदों के संघर्ष और समर्पण के पदचिन्हों पर चलने वाले आदरणीय बाबा दिशोम गुरुजी अभी अस्वस्थ हैं। इस कारण भोगनाडीह की क्रांतिकारी, वीर भूमि पर नहीं आ पाया ।
Delhi: Jharkhand Chief Minister Hemant Soren says, “Today, this day is known as Hul Diwas. Along with Jharkhand, this day is being observed in various states across the country, by tribal communities and other sections of society…” pic.twitter.com/CcfS69Tmx8
— IANS (@ians_india) June 30, 2025
दिल्ली में हेमंत सोरेन ने कहा कि हूल हमारी ताकत,हूल हमारी पहचान । 1855 में स्वतंत्रता की लड़ाई के अग्रगण्य। भारत माता के वीर सपूत और (हूल) आंदोलन के मुखिया सिदो – कान्हु एवं चांद – भैरव को माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने माल्यार्पण अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उन्होंने कहा है कि संथाल हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और हजारों वीर शहीदों के संघर्ष और समर्पण के पदचिन्हों पर चलने वाले आदरणीय बाबा दिशोम गुरुजी अभी अस्वस्थ हैं। इस कारण मैं इस बार भोगनाडीह की क्रांतिकारी, वीर भूमि पर नहीं आ पाया ।लेकिन हूल दिवस हमारे लिए सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। हूल दिवस हमारे लिए संकल्प का दिन है, हूल हमारी ताकत है, हूल हमारी पहचान है।
उन्होंने एक्स के माध्यम राज्यवासियों से कहा कि आने वाले समय में आदिवासी धर्म कोड, आदिवासी संस्कृति, भाषा, सभ्यता और पहचान के लिए हूल उलगुलान होगा। हूल दिवस पर अमर वीर शहीदों को शत-शत नमन! इस अवसर पर गांडेय विधायक कल्पना सोरेन,विधायक रामगढ़ ममता देवी, विधायक टुंडी मथुरा प्रसाद महतो, विधायक सारठ उदय प्रताप सिंह उर्फ चुन्ना सिंह, विधायक खिजरी राजेश कच्छप और पूर्व विधाय के एन त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।




