डेस्कः उत्तरप्रदेश के कथावाचक के साथ 21 जून की रात हुई बदसलूकी का असर बिहार में दिख रहा है। मुकुट मणि सिंह यादव और संत सिंह यादव की कथित पिटाई और बदसलूकी के बाद मोतिहारी के एक गांव में एक गांव में बकायदा बोर्ड लगाकर ब्राह्मणों के पूजा-पाठ कराने पर लगाने की बात कही जा रही है। गांव के लोग कहते है कि जिन्हें भी वेद, धर्म और संस्कारों का पूरा ज्ञान होगा उन्हें हीं पूजा कराने दिया जाएगा। बोर्ड में पकड़े जाने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई है।
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मामला आदापुर थाना क्षेत्र के टिकुलिया गांव का है। ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश वाले रास्ते के शुरुआत में ही ब्राह्मण पुजारियों पर रोक वाला बोर्ड लगा दिया है। इतना ही नहीं गांव में गुजरने वाले तमाम बिजली के पोल पर भी यही बात लिखी गई है। ग्रामीणों ने बिजली के खंभों पर लिख दिया है कि इस गांव में ब्राह्मणों को पूजा कराना सख्त मना है, पकड़े जाने पर दंड के भागी होंगे। हालांकि, ग्रामीणों की ओर से सफाई दी जा रही कि वे ऐसे ब्राह्मणों का विरोध कर रहे हैं जिन्हें वेद का ज्ञान नहीं है और जो मांस-मदिरा का सेवन करते हैं। लेकिन, बोर्ड में ऐसी बात नहीं लिखी गयी है।
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ग्रामीण युवकों ने बताया कि जो वेदों, धर्म और संस्कारों के जानकार हैं और चाहे वे किसी भी जाति के क्यों न हों, सिर्फ उन्हीं पंडितों को गांव में पूजा पाठ के लिए एंट्री दी जाएगी। बता दे कि हाल ही में इटावा की घटना में कथावाचक मुकुट मणि सिंह यादव के साथ दुर्व्यवहार हुआ था। उसके बाद देश में यह बहस चल रही है कि पूजा-पाठ का अधिकार जाति विशेष तक सीमित है या नहीं।
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इस मामले को पुलिस ने गंभीरता ले लिया है। सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें आने के बाद पुलिस गांव पहुंची और उन लोगों की तलाश में जुट गई है जिन्होंने ऐसा बोर्ड लगाया है। थानाक्ष्यक्ष धर्मवीर चौधरी ने बताया कि बोर्ड को हटा दिया गया है। पोल पर लिखे मैसेज को भी मिटा दिया गया है। लेकिन पुलिस इसमें शामिल आरोपितों की तलाश में जुट गई है। इसमें एक यूट्यूबर का नाम भी सामने आया है।




