रांचीः राजधानी के रातू रोड़ एलिवेटेड कॉरिडोर के उद्घाटन की तारीख अब बदल गई है। 19 जून को केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी अब इसका उद्घाटन नहीं करेंगे। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इसको लेकर जानकारी दी।
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रातू रोड़ एलिवेटेड कॉरिडोर का लोकार्पण अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 03 जुलाई को करेंगे। इस फ्लाइओवर के उद्घाटन होने से करीब एक लाख की आबादी को जाम से मुक्ति मिलेगी। संजय सेठ ने जानकारी देते हुए बताया कि नितिन गडकरी के व्यवस्थ कार्यक्रम की वजह से इसके उद्घाटन की तारीख बदल गई है अब प्रधानमंत्री के हाथों ऐतिहासिक सौगात दी जाएगी।
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3.57 किलोमीटर लंबे इस फ्लाइओवर के नामकरण को लेकर भी कांग्रेस और जेएमएम ने अपनी इच्छा जाहिर की है। कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने इस फ्लाइओवर का नाम राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरू शिबू सोरेन के नाम पर रखने की मांग की जिसका समर्थन झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी किया। इन दोनों पार्टियों का कहना है कि शिबू सोरेन इस राज्य की पहचान है इसलिए इस फ्लाइओवर का नाम शिबू सोरेन के नाम पर होना चाहिए। इससे पहले सिरमटोली से मैकॉन तक जाने वाली फ्लाइओवर का उद्घाटन किया गया था जिसका नाम कार्तिक उरांव के नाम पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रखा था अब रांची के इस नये फ्लाइओवर का नाम शिबू सोरेन के नाम पर रखने की डिमांड हो रही है।
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इससे पहले रांची के सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सोमवार को रातू रोड़ फ्लाइओवर का निरीक्षण किया था। उन्होने एनएचआई के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिलरों पर भी तिरंगे का रंग में लाइटिंग की जाए। लाइटें लगाने का काम शुरू हो चुका है। इस फ्लाइओवर में 101 पिलर है और 102 स्लैब है। नीचे पिलरों के बीच खाली पड़ी जगह पर धास और पौधे लगाने का काम भी अंतिम चरण में है जिसे 3 जुलाई से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
इस फ्लाइओवर के शुरू होने से पंडरा, आईटीआई की ओर से रातू रोड़ आने वाले लोगों को सुबह और शाम को जाम से मुक्ति मिलेगी। अभी उन्हे करीब एक घंटे का समय लग जाता है। वहीं जिन्हे पिस्का मोड़ से रातू रोड़, कचहरी रोड़ या कांके रोड़ जाना है, वे नागा बाबा खटाल तक की दूरी केवल सात मिनट में पूरी कर सकेंगे और करीब एक लाख की आबादी को इसका लाभ मिलेगा।इसके साथ ही रांची से लोहरदगा, पलामू, चतरा, गया जाने में भी आसानी होगी।





