डेस्कः लंदन के लिए अहमदाबाद से उड़ने के तुरंत बाद क्रैश हुए एयर इंडिया के विमान में आखिर उस वक्त क्या हुआ था? यह तो ब्लैकबॉक्स समेत तमाम टेक्निकल जांच के बाद सामने आएगा फिलहाल हादसे में जिंदा बचे एकमात्र यात्री विश्वास कुमार रमेश ने कहा कि सबकुछ बहुत तेजी से हुआ। सिविल अस्पताल में बिस्तर पर लेटे विश्वास ने बताया कि हादसे से पहले फ्लाइट में क्या कुछ हुआ और कैसे वह जिंदा बचकर निकलने में कामयाब रहे।
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मेश विश्वास ने बताया कि मेरी सीट प्लेन के जिस हिस्से में थी, वो बिल्डिंग के निचले हिस्से से टकराया होगा। ऊपर के हिस्से में आग लग गई थी, कई लोग वहीं फंसे रह गए। शायद मैं सीट सहित नीचे गिर गया था। मैं जैसे-तैसे निकल पाया। रमेश ने बताया कि उनकी आंखों के सामने ही दो एयर होस्टेस, एक अंकल-आंटी सबकुछ जल रहे थे।
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विश्वास ने इंडिया टुडे से बातचीत में क्रैश के उन पलों को याद करते हुए कहा, ‘ टेकऑफ के बाद एक मिनट के अंदर ही पहले लगा कि 5-10 सेकेंड के लिए लगा कि अटक गया वो, बाद में मुझे लगा कि कुछ हुआ। प्लेन में लाइट ऑन हो गई, ग्रीन और वॉइट। प्लेन टेकऑफ के लिए रेस दिया था। सीधा स्पीड में ही घुस गया हॉस्टल में। मेरे सामने सब हुआ।’ विश्वास ने एचटी को बताया कि क्रैश होने से पहले एक तेज धमाका हुआ था।
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विमान हादसे में एकलौते बचे विश्वास रमेश ने डीडी न्यूज को बताया, ‘सब मेरी नजरों के सामने हुआ था, लेकिन मुझे खुद नहीं पता कि आखिर कैसे मैं जीवित बच गया हूं। थोड़े टाइम के लिए मुझे लगा था कि मैं भी मरने वाला हूं। लेकिन आंख खुली, तो मैं जिंदा था। मैंने अपनी सीट बेल्ट निकालने की कोशिश की। इसके बाद मैं वहां से निकल गया। मेरी आंखों के सामने एयरहोस्टेज और दूसरे लोग मर गए थे.’
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विश्वास कुमार का इस हादसे में बचना किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। उन्होंने बताया, ‘मैं हॉस्टल पर गिरे विमान के हिस्से में नहीं था। मैं ग्राउंड पर गिरा था। वो हॉस्टल की छत नहीं थी। दूसरों के बारे में मुझे पता नहीं, लेकिन मैं जहां गिरा, वो जमीन थी। विमान जब नीचे गिरा और मैंने देखा कि थोड़ा-सा स्पेस है. इस स्पेस से मैंने निकलने की कोरिश की और मैं कामयाब हो गया।
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दूसरी साइड बिल्डिंग की दीवार थी। शायद वहां से कोई निकल नहीं सका होगा। वहीं, पर ज्यादा नुकसान हुआ था। मैं जहां था, वहीं थोड़ा स्पेस था, इसलिए मैं निकल पाया, लेकिन मुझे नहीं पता कि मैं कैसे बच पाया। इसके बाद मैं वहां से पैदल चलकर बाहर आ गया। विमान में जब मैं फंसा हुआ था, तब वहां आग लग गई थी, तो इसकी वजह से मेरा एक हाथ भी जल गया। हादसे की जगह से बाहर आने के बाद मुझे एंबुलेंस हॉस्पिटल तक लेकर आई। यहां हॉस्पिटल में बहुत अच्छा इलाज हो रहा है।


