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मेडिकल कॉलेज अस्पताल से विधायक के ‘संजीवनी सेवा कुटीर’ को हटाया गया, मंत्री ने कहा-‘BJP ऑफिस खोलकर बना दिया था नशा करने का अड्डा’

मेडिकल कॉलेज अस्पताल से विधायक के 'संजीवनी सेवा कुटीर' को हटाया गया, मंत्री ने कहा-'BJP ऑफिस खोलकर बना दिया था नशा करने का अड्डा'

रांचीः बुधवार को हजारीबाग के शेख बिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद की ओर से स्थापित संजीवनी सेवा कुटीर को प्रशासन ने हटा दिया। प्रशासन ने कहा कि सरकारी जमीन पर विधायक की ओर से अतिक्रमण किया गया था, उन्हे दस दिन की मोहलत दी गई थी लेकिन उन्होने इसे नहीं हटाया। एक घंटे की कार्रवाई के बाद संजीवनी सेवा कुटीर को अस्पताल परिसर से हटाया गया इस दौरान विधायक समर्थकों ने इसका विरोध किया।

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अस्पताल परिसर में विधायक के संजीवनी सेवा कुटीर को लेकर बीजेपी विधायक और स्वास्थ्य मंत्री में ठन गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने पहले ही इसे हटाने की बात कही थी और आखिरकार बुधवार को इसे हटा दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अस्पताल परिसर में विधायक के संजीवनी सेवा कुटीर पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इसके माध्यम से अस्पताल परिसर में पार्टी दफ्तर खोल दिया गया था और इसमें बैठक बीजेपी के कार्यकर्ता नशा करते थे जिससे शांति भंग हो रही थी। डॉक्टर, मरीज और परिजनों में दहशत का माहौल था।

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इरफान अंसारी ने अस्पताल परिसर से संजीवनी सेवा कुटीर को हटाये जाने के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा के लोंगो ने सरकारी अस्पताल परिसर में एक पार्टी विशेष का दफ्तर खोल कर राजनीति का अड्डा बना दिया था। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और विधायक कानून को ताक पर रख करके अपनी मर्जी से अस्पताल चलाना चाहते थे, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की जान से खिलवाड़ कतई स्वीकार्य नहीं है। इस कारण तथाकथित भाजपा कार्यालय को हटाना जरूरी था। सरकारी संपत्ति पर विधायक ने अतिक्रमण कर, संजीवनी कुटीर के जरिए भारतीय जनता पार्टी हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में राजनीति कर रही थी। भाजपा के कार्यकर्ता नशा कर रहे थे जिससे वहां की शांति व्यवस्था भंग हो रही थी। डॉक्टर, नर्स, मरीज और उनके परिजन रात में दहशत के माहौल में रहने को मजबूर थे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में राजनीति करने का अधिकार किसी को भी नहीं है। कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य के क्षेत्र में राजनीति करेगा तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकारी अस्पताल परिसर में संजीवनी कुटीर बनाना अतिक्रमण है और इसके खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। इसके लिए हजारीबाग जिला प्रशासन को मैं बधाई देता हूँ, कि उन्होंने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए जिले की जनता को भय मुक्त किया है।संजीवनी कुटीर की आड़ में भाजपा के लोग अस्पताल में इलाज कराने आए लोगो को डरा, धमका और बरगला करके निजी अस्पताल में इलाज को भेजने और कमीशनखोरी का कार्य कर रहते थे लेकिन प्रशासन की कार्रवाई से अब असमाजिक तत्त्वों की उद्दंडता पर अंकुश लगा है। सरकारी व्यवस्था को बदनाम करने और सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास करने वालों को हर बार करारा जवाब मिलेगा।

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संजीवनी सेवा कुटीर को सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने जन्मदिन के मौके पर 4 जनवरी 2025 को शुरू किया था। इस कार्यक्रम में हजारीबाग-चतरा के सांसद के साथ ही बीजेपी के कई विधायक शामिल हुए थे। बीजेपी विधायक और उनके समर्थकों का कहना है कि संजीवनी सेवा कुटीर के माध्यम से मरीज और उनके परिजनों की मदद की जा रही थी। आम लोगों को सहायता और जानकारी दी जा रही थी। वो एक तरह से हेल्प डेस्क के रूप में काम कर रहा था।

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