‘हजारीबाग’: सोशल मीडिया में कंटेट के लिए चाहिए था कैमरा, फोटोग्राफर को झांसा देकर बुलाया और कर दिया मर्डर

'Hazaribagh'- A camera was needed for content on social media, the photographer

डेस्कः सोशल मीडिया पर अच्छी तस्वीर का चस्का किसी को खूनी भी बना सकती है। हजारीबाग के एक गैंग को कुछ ऐसी सी सनक थी जिसने उन्हें बना दिया कातिल । नईम अहमद और उसके दोस्तों को टीक-टॉक पर रील बनाने का शौक था । मोबाइल  तो इस गैंग के पास था लेकिन उसकी पिक्चर क्वालिटी अच्ची नहीं थी लिहाजा नईम ने अपने गैंग को भरोसा दिलाया कि वो जल्द ही एक डीएसएलआर कैमरा ला कर देगा । उसने प्लानिंग बनाई और फेसबुक पर शादी में कैमरामैन की जरुरत वाला पोस्ट किया । 

TikTok के लिए मर्डर

वारदात 16 मई की है जिसने सोशल मीडिया की लत को एक खौफनाक अंजाम दे दिया । टिकटॉक पर बेहतर वीडियो और फोटो बनाने की चाहत में 18-20 वर्ष के युवाओं ने निर्दोष फोटोग्राफर नुरुल इस्लाम की बेरहमी से हत्या कर दी। कैमरा खरीदने के बजाय, उन्होंने एक नकली शादी समारोह का बहाना बनाकर फोटोग्राफर को बुलाया और उसकी हत्या कर दो महंगे कैमरे लूट लिए।

शादी का झांसा देकर फोटोग्राफर को बुलाया

पुलिस ने  घटना का खुलासा करते हुए बताया कि  बांग्लादेश के ढाका के हजारीबाग के अलग-अलग इलाकों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य साजिशकर्ता नईम अहमद ने एक सप्ताह पहले इस साजिश को अंजाम देने का वादा किया था। उन्होंने फेसबुक पर इवेंट फोटोग्राफरों को खोजा और नुरुल इस्लाम से संपर्क कर शादी की फोटोग्राफी के लिए बुक किया। एडवांस में 500 टका भी दिए।

कैमरा देने से मना किया तो मार दिया

16 मई की शाम को नुरुल अपने सहायक एमोन के साथ पश्चिम धनमंडी के शंकर बस स्टैंड पहुंचे, जहां से नईम उन्हें रिक्शे से झूठे वेन्यू की ओर ले गया। जैसे ही वे ऋषिपारा के “क्षणिकालय” नामक मकान के पास पहुंचे, वहां पहले से मौजूद युवकों ने रिक्शा रोक लिया। इस दौरान एमोन किसी तरह भाग निकला, लेकिन नुरुल ने जब अपना कैमरा बैग देने से मना किया, तो हमलावरों ने उस पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया और बैग लेकर फरार हो गए। 

 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now