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ठेकेदार रिशु श्री ने संजीव हंस सहित कई अफसरों को दी रिश्वत, ED की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

IAS संजीव हंस पर ED ने लगाया एक आरोप, पक्ष में फैसला दिलवाने के लिए ली थी एक करोड़ घूस

बिहारः टेंडर मैनेज घोटाले में आईएएस संजीव हंस के साथ ही नगर विकास एवं आवास विभाग और भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिकारियों को भी रिश्वत मिली थी। यह रिश्वत ठेकों में मध्यस्थता निभाने वाले ठेकेदार रिशु श्री के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दी गई। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) में दर्ज नये केस (05/2025) में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट के आधार पर इसका खुलासा किया गया है।

इस एफआईआर में आईएएस संजीव हंस, रिशु श्री, उसके कर्मी संतोष कुमार व निजी कंपनी के निदेशक पवन कुमार सहित कई अज्ञात अधिकारियों को आरोपित बनाया गया है। दर्ज एफआईआर के मुताबिक रिशु श्री के ठिकानों पर ईडी की हुई छापेमारी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिसके आधार पर विभिन्न विभागों के कई अधिकारियों को टेंडर मैनेज करने के एवज में रिश्वत दिए जाने का दावा किया गया है। उसके पास मिले दस्तावेजों में यह राशि प्रतिशत के रूप में अंकित है।

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ईडी ने उदाहरण के तौर पर नगर विकास विभाग से जुड़ी 33 नालों की जैविक सफाई योजना, बिहारशरीफ और मुजफ्फरपुर एसटीपी एवं सीवेज नेटवर्क योजना तथा बिहार शरीफ स्मार्ट रोड परियोजनाओं के हुए भुगतान के विश्लेषण में पाया कि इनसे जुड़े ठेकेदारों को एडवांस में और बिल भुगतान के समय अन्य खर्चों के तौर पर भारी भुगतान किया गया है। माना गया है कि यह राशि टेंडर से जुड़े संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के कर्मियों को रिश्वत देने में इस्तेमाल की गई।

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