पटना में आईजीआईसी की महिला डॉक्टर की संदिग्ध स्थिति में मौत, बाथरूम में गिरी मिलीं

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May 1, 2025

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बिहारः इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (आईजीआईसी) में कार्यरत एक महिला डॉक्टर कनू प्रिया (41) की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। वह कदमकुआं थाने के राजेंद्र नगर रोड नंबर पांच-ए स्थित मकान संख्या 174/बी में हुई। इसी जगह डॉक्टर अपने पति और बच्चों के साथ रहती थीं। डॉक्टर कनू प्रिया के पति डॉ. मुकेश कुमार अपने घर के पास ही केएम अस्पताल चलाते हैं। वे मधुमेह विशेषज्ञ हैं। शुरुआती दौर में डॉक्टर के साथ हुई घटना की जानकारी पुलिस को नहीं मिली।

शास्त्रीनगर स्थित अस्पताल में महिला डॉक्टर की मौत होने के बाद पुलिस को खबर मिली। इसके बाद उनके शव का पोस्टमार्टम आईजीआईएमएस में कराया गया। शास्त्रीनगर थाने की पुलिस ने महिला डॉक्टर के पिता अशोक कुमार का फर्दबयान लेकर कदमकुआं थाने भेज दिया। कदमकुआं थानेदार अजय कुमार के मुताबिक इस बाबत यूडी केस थाने में दर्ज किया गया है। डॉ. कनू और डॉ. मुकेश के दो बच्चे सार्थक और आद्विका हैं। डॉक्टर कनू का मायका जगत नारायण रोड में है।

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महिला डॉक्टर के पिता के फर्दबयान के मुताबिक उनके 15 साल के नाती सार्थक ने उन्हें अपनी मां के बाथरूम में गिरे होने की सूचना दी। सार्थक बीते मंगलवार की रात 10 बजे बाथरूम जाने के लिये उठा। डॉक्टर कनू पहले से बाथरूम में थीं। सार्थक ने दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी खटखटाने के बाद भी जब उसकी मां ने जवाब नहीं दिया तो उसने पिता डॉ. मुकेश को इसकी जानकारी दी। सार्थक के पिता आये तो उन्होंने धक्का देकर बाथरूम का दरवाजा खोला। अंदर जाने पर महिला डॉक्टर फर्श पर पड़ी थीं। उनके गले में दुपट्टा लिपटा था। इसके बाद डॉक्टर मुकेश पत्नी को लेकर खुद के अस्पताल चले गए।

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महिला डॉक्टर के पिता जब मौके पर पहुंचे तो डॉक्टर मुकेश अपने दो-तीन अन्य साथियों के साथ पत्नी का इलाज कर रहे थे। बाद में उन्होंने पत्नी को राजाबाजार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान महिला डॉक्टर की मौत हो गई। महिला डॉक्टर के पिता ने उनकी मौत को लेकर किसी को जिम्मेवार नहीं ठहराया है। डॉक्टर मुकेश के पिता पटना नगर निगम में मुख्य अभियंता थे। वे चार भाई हैं। उनके बड़े भाई और भाभी भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं। दूसरे भाई भी अधिकारी हैं। छोटे भाई प्रोफेसर हैं।

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