दिल्ली: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति मांगी गई है। इस संबंध में एक एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि को पत्र भेजा है।
पत्र में कहा गया है कि निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि “सुप्रीम कोर्ट देश को अराजकता की ओर ले जा रहा है” और “मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना देश में हो रहे गृहयुद्धों के लिए जिम्मेदार हैं।” यह बयान उस समय आया जब सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति और राज्यपालों को विधेयकों पर समयबद्ध निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।
इसके अलावा, दुबे पर यह भी आरोप है कि उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर चल रही याचिकाओं के संदर्भ में सांप्रदायिक रूप से विभाजनकारी बयान दिए, जिससे सामाजिक तनाव उत्पन्न हो सकता है।
पत्र में एडवोकेट ने कहा कि निशिकांत दुबे की टिप्पणियां “गंभीर रूप से अपमानजनक और भड़काऊ” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दुबे ने CJI की गरिमा को ठेस पहुंचाने और जनता में अविश्वास तथा असंतोष भड़काने का प्रयास किया है, जो कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सम्मान पर सीधा हमला है। इस आधार पर Contempt of Courts Act की धारा 15(1)(b) के तहत आपराधिक अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है।
इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। विवाद बढ़ने के बाद, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बयान जारी कर कहा कि ये दुबे के निजी विचार हैं, पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है, और भाजपा ऐसे बयानों से असहमति रखती है।
निशिकांत दुबे का विवादित बयान, ‘जितने भी गृह युद्ध हो रहे है इसके जिम्मेदार हैं CJI संजीव खन्ना’
निशिकांत दुबे को जेल भेजे सुप्रीम कोर्ट, बीजेपी सांसद के CJI वाले बयान पर भड़का विपक्ष




