बच्चों के पैसे तक गबन कर मास्टर साहब बन रहे हैं अमीर, सौ-सौ रुपए तक जाते हैं खा, करप्शन की कहानी पढ़ हो जाएंगें दंग

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April 12, 2025

लोहरदगा (झारखंड): झारखंड राज्य के लोहरदगा जिले में संचालित पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) विद्यालयों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और जीएसटी घोटाले का खुलासा हुआ है। शिक्षक खुद वेंडर बनकर न केवल सरकारी फंड का दुरुपयोग कर रहे हैं, बल्कि जीएसटी की चोरी से सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

कागजों पर खरीद, ज़मीनी हकीकत शून्य

जिले के नौ पीएमश्री स्कूलों में स्वीकृत गतिविधियों के नाम पर लाखों रुपये की निकासी की गई, लेकिन अधिकतर मामलों में सामानों की आपूर्ति केवल कागजों पर हुई।

  • प्रति बच्चा ₹100 में ID कार्ड बनवाने की योजना अधूरी रही।

  • ₹20,000 की दर से वेंडिंग मशीन खरीद दिखाया गया, लेकिन तीन विद्यालयों में मशीनें नहीं दी गईं।

  • एक्टिविटी ग्रीन, स्कूल एनहांसमेंट और स्वच्छता पखवाड़ा जैसे मदों में भी लाखों की हेराफेरी हुई।

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जीएसटी की नहीं की गई कटौती, सरकार को राजस्व में भारी नुकसान

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि करोड़ों रुपये के भुगतान में जीएसटी की निर्धारित कटौती नहीं की गई। जिससे सरकार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ और शिक्षक-वेंडर मालामाल हो गए।
सरकारी नियमों के अनुसार, ₹5,000 से अधिक की भुगतान पर टीडीएस और जीएसटी की कटौती अनिवार्य है, लेकिन यहां यह प्रक्रिया पूरी तरह नजरअंदाज की गई।

दोहरी भूमिका में शिक्षक: सवालों के घेरे में नैतिकता

शिक्षकों ने खुद को आपूर्तिकर्ता (वेंडर) घोषित कर दोहरी भूमिका निभाई। इससे न सिर्फ नैतिकता पर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि शिWhatsApp Image 2025 04 11 at 21.24.32क्षा व्यवस्था की साख भी दांव पर लग गई है। क्या शिक्षक शिक्षा देने के साथ सप्लाई का कार्य भी कर सकते हैं? यह बहस अब ज़ोर पकड़ रही है।

पीएमश्री योजना की पारदर्शिता पर सवाल

पीएमश्री योजना का उद्देश्य स्कूलों में गुणवत्ता शिक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन इस तरह के भ्रष्टाचार ने योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को कठघरे में खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चों की शिक्षा और अभिभावकों का विश्वास दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

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डीसी ने दिए जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए लोहरदगा के उपायुक्त डॉ. वाघमारे प्रसाद कृष्ण ने जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि बिना आपूर्ति के ही भुगतान कर दिया गया और इस घोटाले में कई शिक्षक व वेंडर संलिप्त हैं। पूछताछ का दौर शुरू हो चुका है और जल्द ही जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

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