बसंत पंचमी पर महाकुंभ में विहंगम दृश्‍य, ढोल-नगाड़ों के साथ निकले अखाड़ों के जुलूस; जारी है शाही स्‍नान

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February 3, 2025

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MahakumbhBasant PanchamiAmrit Snan: महाकुम्भ के आखिरी अमृत स्नान पर्व वसंत पंचमी पर संगम किनारे विहंगम दृश्‍य नजर आ रहा है। रथ पर सवार हो अस्‍त्र-शस्‍त्र, ध्‍वजा, ढोल-नगाड़े, डमरू आदि लेकर अमृत स्‍नान (शाही स्‍नान) के लिए शोभा यात्राएं निकल रही हैं।

अखाड़ों के अध्‍यक्ष, मण्‍डलेश्‍वरों, महामण्‍डलेश्‍वरों, महंतों और अन्‍य पदाधिकारियों के रथ, हाथी, घोड़ों के साथ जुलूस आगे बढ़ रहे हैं। धुनी रमाए नागा साधुओं के जत्‍थे लोगों का ध्‍यान खींच रहे हैं।शाही स्‍नान सुबह चार बजे शुरू होना था लेकिन आधे घंटे पहले यानी साढ़े तीन बजे से ही यह शुरू हो गया।

सबसे पहले नागा साधु फिर अखाड़ों ने त्रिवेणी में पवित्र डुबकी लगाई। एक-एक अखाड़ों का शाही जारी है। बसंत पंचमी पर महाकुंभ में अमृत स्‍नान के लिए बड़ी संख्‍या में आम श्रद्धालु भी पहुंचे हैं। साधु संन्‍यासियों और श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्‍टर से पुष्‍प वर्षा भी की जा रही है।

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महाकुंभ में बसंत पंचमी के दिन अंतिम अमृत स्नान शुरू हो गया। जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। अखाड़े के साधु-संत संगम में डुबकी लगा रहे हैं। यह 13 अखाड़ों का तीसरा और अंतिम अमृत स्नान होगा। महाकुम्भ मेला प्रशासन ने इस स्नान के लिए व्यापक तैयारी की है। इस पर्व पर पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है। सभी अफसरों को उनकी जिम्मेदारी देने के साथ उनकी जवाबदेही भी तय की गई है।

स्नान से एक दिन पहले पुलिस और प्रशासन ने वरिष्ठ अफसरों ने मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान जो कमियां मिलीं उसे दूर करते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। प्रदेश सरकार की ओर से संतों और श्रद्धालुओं पर 25 क्विंटल गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्प वर्षा की जाएगी।

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सबसे पहले पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ों के साधु-संतों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। अखोड़ का जुलूस अपने कैंप से अमृत स्‍नान के लिए निकला। रास्‍ते में जगह-जगह साधुओं को माला पहनाकर उनका स्‍वागत किया गया। इसके बाद निरंजनी अखाड़े का जुलूस निकला। आध्यात्मिक गुरु स्वामी कैलाशानंद गिरि अमृत स्नान के लिए जुलूस का नेतृत्व कर रहे हैं। निरंजनी अखाड़े के बाद जूना अखाड़े का शाही स्‍नान होगा। अखाड़ों के शाही स्‍नान का क्रम तय किया है और उन्‍हें अलग-अलग समय दिया गया है।

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इस बीच जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने एएनआई से कहा, ‘मैं विश्व कल्याण के लिए, सशक्त भारत के लिए, शिक्षित भारत के लिए पावन स्नान के लिए जा रहा हूं। हम पर्यावरण की रक्षा के लिए जागरूकता भी पैदा करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई व्यवस्थाएं अत्यंत प्रशंसनीय हैं।’ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने कहा, “स्नान बहुत अच्छा रहा, भव्य रहा। सभी सुखी रहें। सभी को आशीर्वाद…जनता को स्नान करने का अवसर मिले यही हमारा प्रयास है।”

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