पूजा सिंघल का निलंबन हुआ रद्द, मनी लाउंड्रिंग मामले में 28 महीने रही थी जेल में बंद

IAS अधिकारी पूजा सिंघल को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत, खूंटी में मनरेगा घोटाला मामले में जनहित याचिका खारिज

रांची: इस वक्त की बड़ी खबर झारखंड के प्रशासनिक महकमें से है जहां निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल  को बड़ी राहत मिली है। पूजा सिंघल का निलंबन मंगलवार को वापस ले लिया गया है।पूजा सिंघल को 10 अप्रैल 2023 को निलंबित किया गया था। उन्होने महज 21 साल की उम्र में यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाई थी।पूजा सिंघल का निलंबन वापस होने को लेकर झारखंड के कार्मिक प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

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28 महीने से जेल में रहीं पूजा सिंघल

मनी लाउंड्रिंग मामले में 28 महीने तक जेल में रहने वाली पूजा सिंघल  को 7 दिसंबर 2024 को कोर्ट ने जमानत दे दी थी। पूजा सिंघल ने नये कानून के तहत हिरासत के आधार पर जेल से रिहाई मांगी थी जिसे कोर्ट से स्वीकार कर लिया था।नए कानून बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 479 का हवाला दिया गया। इस अधिनियम के तहत कोई आरोपित, जिसका पहला अपराध है और उस धारा में होने वाली अधिकतम सजा का एक तिहाई जेल में काट चुका है तो वह आरोपित जमानत का हकदार होगा।

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 पूजा सिंघल के करीबी के घर मिले थए करोड़ो रुपए

पूजा सिंघल को 11 मई 2022 को ईडी ने गिरफ्तार किया था। मनरेगा फंड में हेराफेरी से जुड़े मामले में की गई कार्रवाई में उनके करीबियों के घर से बड़ी मात्रा में पैसा मिला था। रांची स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां छापेमारी के दौरान 19 करोड़ 31 लाख रुपए जब्त किए गए थे. आरोपी सीए सुमन कुमार पूजा सिंघल का करीबी बताया गया. हालांकि, पूजा को एक मल्टी टैलेंटेड नौकरशाह के रूप में जाना जाता था। उनकी झोली में कई रिकॉर्ड हैं। उन्होंने महज 21 साल की उम्र में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर ली थी।

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सबसे कम उम्र में आईएएस बनीं थी Pooja Singhal

2000 बैच की IPS अधिकारी पूजा सिंघल ने लिम्बा बुक ऑफ रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया था लेकिन भ्रष्टाचार का उनपर आरोप लगा। वो 2007 से 2010 के बीच तीन जिलों में कलेक्टर बनी थीं। उनपर आरोप है कि इसी दौरान मनरेगा में 18 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी हुई। उस समय के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने इसके जांच के आदेश दिये थे।

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