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Pagers Blast: समझिए इजराइल ने कैसे हर जेब में पहुंचा दिया बम ? कैसे स्वीच लगाया, कैसे संदेश भेजा और कहां से आया था पेजर

PAGER BLAST

डेस्क:  लेबनान में हुए पेजर विस्फोट (Pagers Blast) के धमाकों की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है । कहा तो जा रहा है कि धमाके की ऐसी  वारदात पूरी दुनिया में आज तक नहीं हुई है । एटम बम से भी खतरनाक बन चुका है हर जेब में रहने वाला मोबाइल फोन और पेजर । जी हां इस हिसाब से इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह पर अटैक किया वो अपने आप में अनोखा है और पूरी दुनिया के साइबर एक्सपर्ट का सिर चकरा रहा है ।  आखिर  इसराइल ने कैसे किया Pagers Blast ।

कहां से आया था धमाके वाला पेजर?

गौरतलब है कि इसराइल ने लेबनान में एक साथ हजारों पेजर में धमाके को अंजाम दिया जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत और करीब तीन हजार से ज्यादा जख्मी हुए हैं। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के विशेषज्ञों ने बताया है कि इस्राइल ने लेबनान में ताइवान निर्मित पेजर्स के नए बैच में विस्फोटक सामग्री छिपाई थी । अधिकारियों के अनुसार, हिज़्बुल्लाह द्वारा ताइवान के गोल्ड अपोलो कंपनी (Gold Apollo) से मंगाए गए पेजर्स को लेबनान पहुंचने से पहले छेड़छाड़ की गई थी।image 2024 09 17T17 04 06 698Z

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कितना विस्फोटक किया गया था प्लांट ?

अधिकांश पेजर्स कंपनी के एआर924 मॉडल के थे, हालांकि शिपमेंट में गोल्ड अपोलो (Gold Apollo) के तीन अन्य मॉडल भी शामिल थे।सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया है  कि प्रत्येक पेजर की बैटरी के पास एक से दो औंस तक विस्फोटक सामग्री लगाई गई थी। इसमें एक स्विच भी लगाया गया था, जिसे रिमोट से सक्रिय कर विस्फोटक को डिटोनेट किया जा सकता था।

 

ब्लास्ट से पहले पेजर में किसका था संदेश

लेबनान में दोपहर 3:30 बजे, पेजर्स को एक संदेश मिला जिससे पढ़ने वालो ने समझा कि  हिज़्बुल्लाह के नेता ने भेजा है । लेकिन वास्तव में इस संदेश ने विस्फोटकों को सक्रिय कर दिया।  साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक अनुसार, इन उपकरणों को विस्फोट से पहले कुछ सेकंड के लिए बीप करने के लिए प्रोग्राम किया गया था।

अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट का दावा

अमेरिकी और अन्य अधिकारियों ने इस ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर अमेरिकी अखबारों को यह जानकारी दी है ।  हमलों के फुटेज का अध्ययन करने वाले स्वतंत्र साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा ने दावा किया है कि  विस्फोटों की ताकत और गति किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री के कारण ही  थी।

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पेजर को किया गया था मोडिफाइ

सॉफ्टवेयर कंपनी विथसिक्योर के अनुसंधान विशेषज्ञ और यूरोपोल के साइबर अपराध सलाहकार मिक्को हाइप्पोनेन ने NYT से कहा, “इन पेजर्स को संभवतः इस प्रकार के विस्फोट करने के लिए किसी तरह से मॉडिफाई किया गया था — विस्फोट का आकार और ताकत इस बात का संकेत देता है कि यह सिर्फ बैटरी नहीं थी।”

ताइवान की Gold Apollo से आए थे पेजर

इस साल की शुरुआत में, हिज़्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह ने मोबाइल फोन के उपयोग को सख्ती से सीमित कर दिया था, जिसे उन्होंने इस्राइली निगरानी के लिए तेजी से असुरक्षित माना था, जैसा कि कुछ अधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया। कई अधिकारियों ने कहा कि गोल्ड अपोलो कंपनी से 3,000 से अधिक पेजर्स का ऑर्डर दिया गया था। हिज़्बुल्लाह ने इन पेजर्स को पूरे लेबनान में अपने सदस्यों के बीच वितरित किया, जिनमें से कुछ ईरान और सीरिया में हिज़्बुल्लाह के सहयोगियों तक भी पहुंचे। इस्राइल के हमले ने उन पेजर्स को प्रभावित किया जो चालू थे और संदेश प्राप्त कर रहे थ। हांलाकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि पेजर्स कब ऑर्डर किए गए थे और वे लेबनान कब पहुंचे थे। हांलाकि कंपनी ने कहा है कि जो पेजर ब्लास्ट हुए हैं वो उन्होंने नहीं बनाए हैं सिर्फ कंपनी का ब्रांड इस्तेमाल किया गया है  ।

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