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काहे की शराबबंदी!, बिहार में सरकारी दफ्तर में मिली शराब की बोतलें, मुखिया के पति समेत 7 गिरफ्तार

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बिहार राज्य में पूर्ण रूप से शराबबंदी है। इसकी जानकारी सभी को है, लेकिन शराबबंदी वाले बिहार में एक सरकारी दफ्तर से ही बड़ी मात्रा में दारू की बोतलें बरामद हुई है। राज्य सरकार के मद्य निषेध एवं उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों ने मुजफ्फरपुर जिले के पारू इलाके में एक सरकारी कार्यालय के परिसर से शराब की 135 बोतलें बरामद कीं। इस मामले में चिंतामनपुर पंचायत की महिला मुखिया के पति मोती राम समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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मद्य, निषेध एवं उत्पाद शुल्क विभाग के निरीक्षक शिवेंद्र कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर अधिकारियों ने मुजफ्फरपुर के पारू क्षेत्र के फंदा गांव में एक सरकारी भवन के परिसर में बीती रात छापेमारी कर विदेशी शराब की 135 कार्टून बोतलें बरामद कीं। कार्टूनों को बोरियों में बंद करके परिसर के एक कोने में रखा गया था। सभी 135 कार्टून जब्त कर लिए गए हैं।

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उन्होंने बताया कि यह परिसर पंचायत विभाग से संबंधित गतिविधियों के लिए था और महिला मुखिया भवन की प्रभारी हैं। बाद में, जांच के दौरान मुखिया के पति और गांव के छह अन्य लोगों को राज्य निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने के बाद गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है। बता दें कि बिहार में अप्रैल 2016 से शराबबंदी कानून लागू है। इसके तहत शराब के निर्माण, बिक्री या सेवन पर पूर्णतया प्रतिबंध है। हालांकि, शराबबंदी वाले बिहार में दारू का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।

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