कमिश्नर का काला धंधा!, कौन हैं CBI के शिकंजे में आने वाले इनकम टैक्स के प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार

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सीबीआई ने इनकम टैक्स के प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार को 10 लाख घूस लेते हुए गिरफ्तार किया है। सीबीआई उनके सहयोगियों पर भी अपना शिकंजा कस रही है। ऐसे में हम आपको संतोष कुमार के बारे में बताता है। तो चलिए जानते हैं कि कौन हैं संतोष कुमार, जिन्होंने घुसखोरी और वसूली का धंधा किया है।

सीबीआई के हत्थे चढ़े संतोष कुमार आईआरएस के 1988 बैच के अधिकारी हैं। अपनी सेवा के शुरुआती दौर में वे धनबाद आयकर विभाग में भी सहायक आयुक्त रह चुके हैं। 30 सितंबर को वे अपनी सेवा से रिटायर हो रहे हैं। संतोष कुमार मूलरूप से बिहार के गोपालगंज के रहने वाले हैं। वे मुंबई के अलावा वाराणसी में भी सेवा दे चुके हैं।

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बिहार एवं झारखंड के प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार की गिरफ्तारी से आयकर महकमे में खलबली है। सीबीआई के स्तर से झारखंड और बिहार में आयकर महकमे के प्रधान आयुक्त स्तर के किसी अधिकारी को गिरफ्तार किये जाने की यह दूसरी घटना है। इसके पहले सीबीआइ ने वर्ष 2018 में रांची क्षेत्र के तत्कालीन प्रिंसिपल कमिश्नर तापस कुमार दत्ता को घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। तब उनके कोलकाता और रांची में ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।

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धनबाद के कई बिल्डर व कारोबारी जांच की जद में

इस मामले में धनबाद के बिल्डर धीरज सिंह, धनबाद आयकर विभाग के आईटीओ टेक्निकल और चनचनी कॉलोनी निवासी कारोबारी अनिल सांवरिया और कारोबारी अमर दारूका भी जांच की जद में हैं। सीबीआई इन्हें ढूंढ़ रही है। चनचनी कॉलोनी में एक बंगले से कुछ बैग बाहर फेंकने का वीडियो वायरल हो रहा है।

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बता दें कि सीबीआई की विशेष टीम ने बिहार एवं झारखंड के प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार को 10 लाख रुपये रिश्वत के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। पटना में आयकर भवन के दूसरे तल पर स्थित संतोष कुमार के कार्यालय में मंगलवार को उनसे सीबीआई ने घंटों पूछताछ की। इनके साथ 4 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें गुरपाल सिंह, राजीव कुमार उर्फ चीकू, डॉ. प्रणय पूर्वे और अशोक चौरसिया शामिल हैं। ये चारों धनबाद के रहने वाले हैं।

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कई संवेदनशील दस्तावेज मिले

सीबीआई के मुताबिक गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के पटना, धनबाद और नोएडा में मौजूद 21 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इन सभी स्थानों से कई संवेदनशील दस्तावेज और निवेश से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं। कई आपत्तिजनक सामान भी मिले हैं। फिलहाल इनकी जांच सीबीआई कर रही है। गिरफ्तार करने के बाद इन सभी आरोपियों को 28 अगस्त (बुधवार) को पटना स्थित सीबीआई के विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा।

हालांकि, पूरे मामले में सीबीआई ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनकी गिरफ्तारी कहां से की गई है। लेकिन, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पांचों को धनबाद में किसी स्थान से सोमवार की रात में ही गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद इन्हें पटना लाया गया है। पूरे अभियान को अंजाम देने के लिए सीबीआई की विशेष टीम दिल्ली से आई थी। इस मामले की अभी जांच जारी है।

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आयुक्त के कार्यालय और आवास में तलाशी

प्रधान आयकर आयुक्त के पटना स्थित आयकर कार्यालय के दूसरे तल पर मौजूद उनके कार्यालय में कागजात की जांच की गई। साथ ही उनके पटना के लोहिया नगर (कंकड़बाग) स्थित आवास (36 नंबर) में भी तलाशी ली गई। अन्य आरोपियों में डॉ. प्रणय पूर्वे धनबाद क्लब के अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। वहीं, गुरपाल सिंह का धनबाद में ट्रांसपोर्ट का बड़ा कारोबार है। जबकि, अशोक चौरसिया का आवास धनबाद के कतरास रोड में मकान संख्या 32 है। राजीव कुमार उर्फ चीकू की भूमिका मध्यस्थ के तौर पर सामने आ रही है।

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करदाताओं से अवैध वसूली की सीबीआई को मिली थी शिकायत

प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार पटना के अलावा धनबाद के प्रभार में भी थे। इनके बारे में रिश्वत के रूप में अवैध वसूली करने की शिकायत सीबीआई को मिली। इसके बाद सीबीआई ने संज्ञेय अपराध का खुलासा करने वाली सूचना के आधार पर अपने यहां मामला दर्ज किया। शिकायत में बताया गया कि आरोपी अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र के तहत अलग-अलग करदाताओं को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए उनसे अवैध तरीके से राशि ले रहे हैं। इसमें कुछ ऐसे व्यक्तियों की भूमिका भी पाई गई, जो मध्यस्थ या बिचौलिया का काम रहे थे। इसके बाद सीबीआई ने विशेष टीम गठित कर पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।

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