नहीं मिला कोई ऑफर, रिटायरमेंट भी ले सकता हूं; अटकलों के बीच बोले चंपाई सोरेन

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 20, 2024

Champai कैबिनेट ने झारखंड के लोगों को तोहफा, 200 यूनिट बिजली, राज्यकर्मियों को बढ़ाया गया महंगाई भत्ता

झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटेफर हो सकता है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को लेकर अटकलों का दौर जारी है। अब उनपर कांग्रेस विधायक और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भितरघात करने का आरोप लगाया है। इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोमवार को दिल्ली में एक टीवी चैनल से कहा कि उन्हें ‘किसी से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।’ यह बात और है कि उन्होंने इससे एक दिन पहले ही कहा था कि वह ‘एक नया अध्याय शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं और सहयोगियों की तलाश कर रहे हैं।’

झारखंड मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना ने रक्षा बंधन पर बना दिया रिकार्ड, हेमंत सोरेन ने पोस्ट सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जताई खुशी

चंपाई ने कहा, ‘अगर कोई साथ आता है, तो यह अच्छा है। अगर मैं सफल नहीं होता हूं, तो मुझे रिटायरमेंट लेने में कोई आपत्ति नहीं है। मैंने अपने खुले पत्र (ओपन लेटर) में अपने विकल्पों के बारे में पहले ही स्पष्ट कर दिया है।’ वहीं झारखंड में झामुमो को एकजुट रखने के प्रयास जारी हैं, ऐसी अटकलें हैं कि बिशुनपुर से झामुमो विधायक चमरा लिंडा और बोरियो से पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम दिल्ली में हैं और चंपई के संपर्क में हैं। चंपाई द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के 24 घंटे बाद भी सीएम हेमंत सोरेन या झामुमो ने नाराज विधायक से संपर्क नहीं किया है।

See also  नक्सलियों ने तीन राज्यों के मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी, कहा-'हम सब एक साथ हथियार डाल देंगे'

एक रिपोर्ट के अनुसार, लिंडा और हेम्ब्रम के दिल्ली में अपनी संभावनाओं का आकलन करने के लिए मौजूद होने की अटकले हैं। दोनों विधायकों ने ही पार्टी से बगावत करके लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। झामुमो ने लोबिन के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की और उन्हें विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया, जबकि बिशुनपुर विधायक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

चंपाई सोरेन को मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया विभीषण, JMM ने जानिये क्या दिया रिएक्शन

झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में, जिसकी संख्या चार विधायकों के लोकसभा जाने, एक के त्यागपत्र देने और दो के अयोग्य घोषित किये जाने के बाद घटकर 74 रह गई है, सत्तारूढ़ गठबंधन को बहुमत का 37 का आंकड़ा पार करने के लिए 38 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। मौजूदा सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 45 विधायकों का समर्थन है। ऐसे में झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार सुरक्षित है। कोल्हान क्षेत्र के पार्टी विधायकों ने जोर देकर कहा कि वे पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन के साथ हैं और चंपाई के साथ नहीं जाएंगे।

See also  ट्रंप ने दी रूस को चेतावनी, परमाणु पनडुब्बियों की तैनाती का दावा, रुसी पीएम दिमित्री मेदवेदेव के बयान के बाद तनाव

झारखंड भाजपा में पूर्व मुख्यमंत्रियों की भरमार, दो को गर्वनर बनाकर निकाला जाएगा-चंपाई के BJP जाने की खबरों के बीच JMM का तीखा तंज

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now