हेमंत चला रहे थे कार, कल्पना कर रही थी रिकॉर्ड, सीएम सुना रहे थे षडयंत्र की दास्तां

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Live Dainik

July 5, 2024

hemant driving

रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन  पद संभालते ही एक्शन में  है  । शाम में उन्होंने पदभार ग्रहण किया और कैबिनेट की मीटिंग बुला विश्वासमत के लिए विधानसभा की बैठक बुलाने का पहला फैसला करते हुए निकल पड़े। पत्नी कल्पना  के साथ लॉन्ग ड्राइव पर निकले हेमंत सोरेन के दिल में जो कुछ था उन्होंने कल्पना सोरेन को सुनाते हुए सफर तय किया ।  हेमंत दिल से दास्तां सुना रहे थे और कल्पना बगल वाली सीट पर ना सिर्फ सुन रही थी बल्कि उसे रिकॉर्ड भी करती जा रही थी ।  बढ़ी हुई दाढ़ी, लंबे बाल झारखंडी लिबास में हेमंत सोरेन का यह रूप  आने वाले दिनों में झारखंडी पहचान के तौर पर स्थापित होने वाला है ।

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झारखंड मंत्रालय से शुरु हुआ यह सफर रांची की सड़कों पर काफी देर तक चलता रहा । हेमंत सोरेन ने  जोहार के साथ शुरु करते हुए बताया की  

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मेरे हाथ में राज्य की स्टेयरिंग

राज्य के विकास की स्टेयरिंग अब उनके हाथ में हैं ।  इस राज्य के प्रति उनकी बहुत सी सोच है । यहां के आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मूलवासी और जल-जंगल -जमीन को लेकर उनके कई विचार हैं। झारखंड देश में अलग तरह का राज्य है। कहने को तो इसे सोने की चिड़िया कहते हैं लेकिन तकलीफ से कहना पड़ता है कि राज्य के लोग अभी भी दो जून की रोटी के लिए संघर्ष करते हैं।  चाहे किसी भी सरकार रही हो  उनकी संवेदनशीलता नहीं रही ।

संवेदनशीलता से काम किया

2019 में आपने हमें राज्य का दिशा देने का जिम्मा सौंपा, सरकार बनने के बाद कोरोना जैसी महामारी आई  । ऐसी स्थिति में देश की हालत क्या थी आप सबको मालूम है ।  सीमित संसाधन, स्वास्थ्य का घोर आभाव के बावजूद हमने बहुत संवेदनशीलता के साथ काम किया । हमारी इस जंग में दो-दो मंत्री शहीद हो गए ।   कई राजनीतिक अवरोध सरकार के सामने आते रहे । सरकार को गिराना, विधायकों की खरीद-फरीख्त, झूठे मुकदमों में फंसना इस अजीब सी रानजीति का शिकार मैं भी हुआ और मुझे पांच महीनों तक जेल में रहना पड़ा । आपलोगों के आशीर्वाद और ताकत की बदौतल सरकार को खरोंच भी नहीं आने दिया ।

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आदरणीय चंपाई सोरेन को सौंपी कुर्सी

आदरणीय चंपाई सोरेन जी को अपनी जगह सौंप कर मैं होटवार जेल में चला गया । पांच महीन के बाद न्यायलय के आदेश के बाद मैं बाहर आ पाया । आज मैं फिर से इस राज्य की दिशा को देने के लिए 2019 के संकल्प को पूरा करने के लिए आपके सामने आया हूं। साथियों पांच साल कई चुनौतियों के साथ हमने पार किया ।  कई जंग हमने जीते हैं चाहे वो कोरोना या फिर राजनीतिक साजिश हो । हम आपके दरवाजे तक संकल्पों को पूरा करने के लिए पहुंचे हैं।

केंद्र सरकार की वजह से बेरोजगारी

कई चुनौतियां हमारे सामने हैं । रोजगार, किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत सभी क्षेत्रों में काम करने की आवश्यकता है। वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से रोजगार घट रहे हैं । छोटे-मझोले उद्योग बंद होते जा रहे हैं। दूसरे देश में छोटे-मझोले उद्योग जा रहे हैं । हमारे राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत काम करना होता है । आपको इस बात का एहसास होगा कि इस सरकार की सोच और उद्देश्य क्या है ।

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मूलवासी और आदिवासी हमारी प्राथमिकता

hemant soren and kalpan soren
शपथ ग्रहण के बाद मंदिर में पूजा करते हुए कल्पना और हेमंत

हमारी प्राथमिकता मूलवासी और आदिवासी हैं । हम हर हाल में और हर वर्ग के लिए काम तेजी से करेंगे और आपका अधिकार और हक आपके दरवाजे तक पहुंचाएंगें । झारखंडी स्वाभिमानी होते हैं । आज मैं अपने पूर सपूतों को नमन करता हूं । बाकी की चुनौती को पार करने के लिए फिर से मैं तैयार हुआ हूं। हमें बहुत बड़े पैमाने पर इस राज्य में काम करने की आवश्यकता है  और आपके सहयोग और आशीर्वाद के बिना संभव नहीं है । हमारे जेल में रहते जो प्यार और सम्मान दिया है उसका आभार प्रकट करता हूं और इसका ऋण कभी उतार नहीं सकता । मैं अपनी जिम्मेदारी पर खरा उतरूंगा “

 

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