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Tej Pratap Yadav पर पहली बार CBI का शिकंजाः लैंड फॉर जॉब मामले के फाइनल चार्जशीट में लालू-तेजप्रताप समेत 78 के नाम

लालू परिवार की सुरक्षा में बड़ा बदलाव,राबड़ी की Z+ की सुरक्षा खत्म, अब तेजप्रताप को सिर्फ एक बॉडीगार्ड, राजश्री यादव को एक महिला अंगरक्षक

पटना: आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव पहली बार केंद्रीय एजेंसी के शिकंजे में आये है। लैंड फॉर जॉब मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल किये सीबीआई की फाइनल चार्जशीट में लालू, राबड़ी, मीसा, तेजस्वी, तेजप्रताप समेत 78 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

सीबीआई ने कहा है कि इस मामले में सक्षम प्राधिकार की मंजूरी का इंतजार है और 6 जुलाई तक मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। चार्जशटी पर 6 जुलाई को कोर्ट सुनवाई करेगी। इससे पहले कोर्ट ने 28 मई को अपने आदेश में कहा था कि सीबीआई 7 जून तक फाइनल चार्जशीट दाखिल करें। कोर्ट ने हर तारीख पर चार्जशीट दाखिल करने के लिए समय मांगने पर सीबीआई पर नाराजगी भी जताई थी। 9 मई को सीबीआई ने कहा था कि चार्जशीट लगभग तैयार है। दाखिल करने के लिए 15 से 20 दिनों तक का और समय लग सकता है। 30 अप्रैल को भी कोर्ट ने सीबीआई को देरी करने पर फटकार लगाई थी।

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सीबीआई के अनुसार, लैंड फॉर जॉब मामला 2004 से 2009 के बीच का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे। लालू पर आरोप है कि उन्होने पद पर रहते हुए उन्हे नौकरियां दीं जिन्होने उनके परिवार के लोगों को जमीन लिखी। ये जमीनें बाजार दर से बहुत कम दाम पर खरीदी गई थी। सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि रेलवे में की गई भर्तियां भारतीय रेलवे के मानकों के दिशा निर्देशों के हिसाब से नहीं थी।

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