चाईबासाः कांग्रेस से बीजेपी में शा्मिल हुई चाईबासा की बीजेपी प्रत्याशी गीता कोड़ा को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा है । सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत गम्हरिया के मोहनपुर गांव में आदिवासी ग्रामीणों ने भाजपा उम्मीदवार गीता कोड़ा को घेर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार दल बदलने के बाद गीता कोड़ा को कई आदिवासी बहुल गांवों में तगड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है। जो वीडियो या तस्वीरें सामने आईं है उसमें दिख रहा है कि बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चुनाव प्रचार करने पहुंची गीता कोड़ा को घेर लिया है और आरोप लगा रहे हैं।
इस तस्वीर को सोशल मीडिया में डाल नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी विधायक अमर बाउरी ने जेएमएम कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है । अमर बाउरी ने गीता कोड़ा की जान को खतरा को बताया है। उन्होंने लिखा
SOS Call !हमारी प्रत्याशी श्रीमती गीता कोड़ा जी खतरे में है !माननीय मुख्यमंत्री जी का गृह जिला सरायकेला के गम्हरिया थाना अंतर्गत मोहनपुर से अत्यंत ही परेशान करने वाली खबर है, जहां विकृत मानसिकता वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा कार्यकर्ताओं ने चारों तरफ से गीता कोड़ा जी व उनके समर्थकों को घेर लिया है, मामला बेहद गंभीर है !बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी के जयंती के दिन लोकतंत्र को कलंकित करने का कुंठित प्रयास किया जा रहा है …@JharkhandCMO और @JharkhandPolice अभिलंब संज्ञान ले अन्यथा बड़ी घटना घट जाएगी …
इधर जेएमएम ने इस घटना पर लिखा है कि
इतिहास गवाह है कि दगाबाज़ों का साथ एक सच्चा झारखंडी कभी नहीं देता।
गौरतलब है कि झारखंड में बीजेपी प्रत्याशी के साथ स्थानीय लोगों की नाराजगी की यह दूसरी घटना है । इससे पहले पलामू के सांसद बीडी राम के साथ भी इस तरह की घटना हो चुकी है । बताया जा रहा है कि बीजेपी सांसद और पलामू संसदीय क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार जहां जा रहे है वही उनका विरोध हो रहा है। पब्लिक उन्हे ताना देते हुए अपने गांव और क्षेत्र से भगा रही है। बीडी राम को प्रचार के दौरान बेज्जत किये जाने का एक और वीडियो सामने आया है।
इस वायरल वीडियो में दिख रहा है कि जब बीडी राम गांव में जा रहे है तो लोग उनपर जमकर भड़ास निकाल रहे है। वीडियो के शुरू में एक व्यक्ति बोल रहा है कि पूछिये इनसे 10 साल में क्या किये है। ये जिस रोड़ से आये है इनको शर्म लगता है, उस रोड़ से आने में, एक दम टूटा फूटा रोड़ है। जिस रोड़ से आये है उस रोड़ से आने में शर्म लगा। थोड़ा सा भी नहीं आया शर्म, बेशर्म आदमी है ये, लाज शर्म लगता नहीं है गांव में आ जाता है। करना धरना कुछ नहीं है आ जाते है वोट मांगने, इनको रोड़ पर से ही भगा देना चाहिए था।




