हेमंत ने पलट दी बाजी, दिल्ली से रांची तक चली वो चाल जिसकी बीजेपी ने नहीं की थी ‘कल्पना’

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रांची.क्या हेमंत सोरेन ने बाजी पलट दी । क्या दिशोम गुरु के बेटे ने बीजेपी को फिर दे दी पटखनी । शहीद दिवस के दिन हेमंत की सियासत बीजेपी से बीस रही । कल किसने देखा है, कल की तो सिर्फ कल्पना की जा सकती है और बीजेपी इसी कल्पना से अभी से आहत नजर आती दिख रही है तभी पार्टी के नेता कभी गर्वनर को संविधान समझा रहे हैं तो कभी झारखंड में राष्ट्रपति शासन की जरुरत गिना रहे हैं ।

बकौल थर्ड अंपायर सरयू राय भी यही मानते हैं कि हेमंत सोरेन ने ईडी को छका दिया और भारी पड़ गए । दरअसल आरोप ये है कि समन पर समन भेज जहां केंद्र की बीजेपी सरकार झारखंड की हेमंत सरकार को डराना-गिराना चाहती है वहीं राजनीति के माहिर खिलाड़ी की तरह हर बार दूसरी ओर की चालबाजियों से बचते जा रहे हैं । दिल्ली में जिस तरह 29 जनवरी की सुबह से रात तक प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने हेमंत सोरेन से पूछताछ करने की कोशिश करती रही और जिस तरह खाली हाथ वापसी हुई उसे बड़ी फजीहत माना जा रहा है ।

हांलाकि बीजेपी की ओर से ये नैरेटिव सेट करने की कोशिश होती रही की झारखंड के मुख्यमंत्री ने राज्य की नाक कटवा दी, वे लापता हो गए हैं मगर हेमंत ने हवाई जहाज छोड़ सड़क मार्ग से रांची पहुंच झारखंड के विपक्ष और देश की सर्वोच्च सत्ता की हवा गुल कर दी । जैसे मुख्यमंत्री हेमंत की गाड़ी सीएम आवास से निकल विधायकों की बैठक की ओर रवाना हुई राजधानी रांची की फिजा बदल गई । बीजेपी के नेता जो हर मिनट सोशल मीडिया पर एजेंडा सेट कर रहे थे उनकी बोलती कमजोर पड़ गई । हेमंत ना सिर्फ विधायकों की बैठक में शामिल हुए बल्कि महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पहुंच श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्होंने ऐलान कर दिया कि वे झुकने वाले नहीं है । हेमंत ने कहा

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” झारखंड में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। बीजेपी आमादा हैं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करके हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करें। पर याद रखिए, इस देश को बचाने के लिए आदिवासियों ने जंगलो से भी लड़ाई लड़ी है। पहले अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी अब बीजेपी की तानाशाही से होगी “

हेमंत के तेवर और रणनीति देख इंडिया गठबंधन के नेताओं में भी जोश नजर आया और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि

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” लगता है भाजपा ने ED को राजनीतिक प्रतिशोध लेने के लिए अपना मनमाना हथियार बनाकर रख दिया है। ED न उनकी जाँच करती है जो विदेशों में अरबों-खरबों लेकर भाग गये और न ही उनकी जाँच-पड़ताल करती है जिन्होंने हज़ारों करोड़ का चूना बैंकों को लगाया। उल्टे भाजपा सरकार द्वारा फरेबियों के लाखों करोड़ों के बैंक लोन माफ़ कर दिये जाते हैं। तो फिर क्या ED विपक्ष के राजनीतिज्ञों के साथ केवल अमानवीय व्यवहार करने के लिए ही है। ये न भूलें कि इन ऊपरवालों के ऊपर भी कोई ऊपरवाला है जो इन अमानवीय व्यवहार करनेवालों के पाप का हिसाब-किताब लिख रहा है।”

इधर झारखंड बीजेपी के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि

“होगा तो वही जो होना है पर वस्तुस्थिति यही है कि हेमंत सोरेन ज्यादा स्मार्ट निकले , ईडी दिल्ली में चक्रव्यूह की रचना पूरी कर पाए इसके पहले वे रांची पहुंच गए, इंतजार कीजिए कल तक”

 

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