पूर्वी सिंहभूमः दो महीने पहले एक्सेल इंडिया ने पूर्वी सिंहभूम के जादूगोड़ा क्षेत्र के 50 युवक-युवतियों को प्रशिक्षण के लिए चेन्नई प्लांट भेजा था। वहां इनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। पहले 12 से 16 घंटे तक बंधुआ मजदूरों की तरह काम कराया गया। इस दौरान कई युवाओं के हाथ जल गए। बीमार होने पर भी जबरन काम कराया गया। काम करने से मना करने पर 35 युवाओं को बिना वेतन दिए जबरन इस्तीफा लिखवाकर निकाल दिया गया। युवाओं ने जब विरोध किया तो प्रबंधन ने कहा कि उन्हे मुखिया ने भेजा है। मुखिया को इसका कमीशन मिल चुका है। अब कोई प्रशिक्षण नहीं मिलेगा।
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पीड़ित युवाओं ने अपनी पीड़ा मुसाबनी प्रखंड प्रमुख रामदेव हेम्ब्रम को बताई। प्रमुख ने तुरंत राखा स्थित एक्सेल इंडिया ड के पदाधिकारी से बात कर अपना विरोध जताया। कहा कि युवाओं को ठगना और प्रताड़ित करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रखंड प्रमुख ने कंपनी के एचआर हेड विपिन कुमार को चेतावनी दी कि मजदूरों का बकाया वेतन जल्द दिया जाए। अगर कोई कंपनी यहां लगती है तो स्थानीय युवाओं को यहीं प्रशिक्षण दिया जाए। बाहर ले जाकर प्रताड़ित करना बंद हो।



