डेस्कः खूंटी जिले में प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक नक्सली ओझा पाहन भी शामिल है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि उनके पास से हथियार और नक्सली साहित्य बरामद किया गया है। गिरोह सरकारी ठेकेदारों से जबरन वसूली की फिराक में था लेकिन उनकी कोशिश नाकाम कर दी गई। पुलिस ने बताया कि इस ऐक्शन के साथ ही वाहनों को जलाने की एक बड़ी कोशिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया।
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खूंटी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष टोप्पो ने बताया कि पूरा अभियान एक गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया। खुफिया इनपुट के आधार पर तोरपा उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने रविवार को देर रात रानिया के जिबिलोंग टांगरी इलाके में छापेमारी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने छापा मारा और नक्सली ओझा पाहन के साथ तीन अन्य गुग को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी ने कहा कि गिरफ्तार नक्सली ओझा पाहन पहले भी वाहनों में आग लगाने के आरोप में जेल जा चुका है। वह खूंटी, पड़ोसी रांची और गुमला जिलों के विभिन्न पुलिस थानों में लगभग 10 मामलों में वॉन्टेड था। भाकपा (माओवादी) से अलग हुए पीएलएफआई के तीन अन्य सदस्य जेवियर कोंगाडी (29), संतोष कोंगाडी (27) और जिबुनस आइंद (31) हैं।
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ओझा पाहन गुमला जिले का रहने वाला है। वहीं अन्य तीन खूंटी के बताए जाते हैं। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 2 हथियार और गोला-बारूद, पीएलएफआई का समर्थन करने वाला साहित्य और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। इसका इस्तेमाल ठेकेदारों और व्यापारियों को धमकाने के लिए किया जाता था। पुलिस ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पेट्रोल से भरी एक प्लास्टिक की बोतल बरामद की है। इसका इस्तेमाल निर्माण कार्यों में लगे वाहनों को जलाने के लिए किया जा सकता था।




