ओरिएंट क्राफ्ट के खिलाफ 3000 महिलाओं का प्रदर्शन, कई महीनों से नहीं मिला वेतन, रघुवर सरकार में कंपनी को एक रुपए में मिली थी जमीन

ओरिएंट क्राफ्ट के खिलाफ 3000 महिलाओं का प्रदर्शन, कई महीनों से नहीं मिला वेतन, रघुवर सरकार में कंपनी को एक रुपए में मिली थी जमीन

रांचीः नोएडा और फरीदाबाद में कामगारों का मजदूरी समेत अन्य मांगों को लेकर किये जा रहे आंदोलन की आग अब झारखंड की राजधानी रांची तक पहुंच चुकी है। मंगलवार को रांची के खेलगांव इलाके में करीब तीन हजार महिलाओं ने सड़क पर उतरकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। ओरिएंट क्राफ्ट कंपनी के काम करने वाली महिलाओं का आरोप है कि उन्हें तीन महीनों से वेतन नहीं दिया गया है, जिस वजह से वो आर्थिक तंगी से गुजर रहे है। वेतन की मांग करने पर उन्हें गालियां दी जाती है। इस कंपनी को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार के समय एक रुपए में टोकन मनी देकर कई एकड़ जमीन दी गई थी ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जा सके।

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प्रदर्शन कर रही महिला कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी न तो कई सालों से वेतन वृद्धि हुई है और न ही ओवरटाइम का ही पैसा दिया जाता है। उनसे रोज आधा से पौन घंटा अतिरिक्त काम कराया जाता है, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है। ओवरटाइम का पैसा देने में भी कंपनी प्रबंधन की ओर से आनाकानी की जाती है।महिला कर्मचारियों के अनुसार, उनकी मासिक आय लगभग 13,000 से 17000 रुपये है, जिसमें से वे 3,000 रुपये सिर्फ कमरे के किराए पर खर्च करती हैं। वेतन समय पर न मिलने के कारण उनके लिए मकान का किराया चुकाना और मूलभूत जरूरतों को पूरा करना नामुमकिन हो गया है। यहां काम करने वाली कई महिलाएं रांची के आसपास के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से काम करने पहुंची हैं।

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जब इस मामले पर प्रबंधन से बात की गई, तो उन्होंने अपनी दलील में नुकसान और ग्लोबल फैक्टर्स का हवाला दिया। प्रबंधन का दावा है कि युद्ध की स्थिति और अमेरिका-भारत ट्रेड डील के कारण कंपनी को आर्थिक नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन एक तरफ तो नुकसान का रोना रोता है, लेकिन दूसरी तरफ उनसे लगातार टारगेट के अनुसार काम करवा रहा है। जब सैलरी बढ़ाने की बात आती है, तो प्रबंधन उसे टाल देता है और काम के नए दबाव बनाता है।इस मामले ने एक और गंभीर मोड़ तब लिया जब फैक्ट्री के लिए जमीन आवंटन पर सवाल उठे। यह फैक्ट्री जिस जगह पर स्थित है, वह पहले पशुपालन विभाग की जमीन थी। आरोप है कि पूर्व की रघुवर दास सरकार ने इसे मात्र एक रुपये में ओरिएंट क्राफ्ट जैसी बड़ी कंपनी को यह कहते हुए दे दिया था कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।बताया गया है पिछली सरकार ने रांची होटवार परिसर स्थित पशुपालन विभाग की 25 एकड़ जमीन गारमेंट कंपनी ओरिएंट क्राफ्ट को दी गई थी। कंपनी ने इस पर टेक्सटाइल्स पार्क बनाया। इसमें 10 एकड़ जमीन पर प्लांट और कार्यालय है, शेष जमीन पर एक-एक एकड़ का 15 प्लाॅट दूसरी कंपनी को सबलेट करने की बात कही गई थी।

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