पटनाः बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 30 एजेंडों पर मुहर लगी। इमरजेंसी के दौरान जेल गए जेपी सम्मान योजना के पेंशनधारियों को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। सरकारी नौकरी को लेकर पदों का सृजन किया गया है, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 459 पदों का सृजन किया गया है।डिजिटल कृषि निदेशालय के गठन को मंजूरी मिली है।जिला समाहरणालय में दीदी की रसोई की व्यवस्था होगी।
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अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास तथा अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में अवसंरचनाओं का निर्माण आदि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग वर्ष 1991 से एक पृथक विभाग के रूप में कार्यरत है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम को पूरे राज्य में लागू करने के कारण योजनाओं के ससमय क्रियान्यवन, अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण के दायित्वों में वृद्धि हुई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अन्तर्गत राज्य के प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के लिए अतिरिक्त 459 (चार सौ उनसठ) निम्नवर्गीय लिपिक के पदों का सृजन किया किया गया है।
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लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में दिनांक 18 मार्च 1974 से 21 मार्च 1977 की अवधि में हुए आन्दोलन में मीसा / डी०आई०आर० के तहत एक से छः माह एवं छः माह से अधिक अवधि तक जेल में बंद रहे व्यक्तियों के सम्मान-पेंशन को बढ़ा दिया है। वर्तमान में मिल रहे क्रमशः 7,500/ एवं 15,000/- (पंद्रह हजार) में बढ़ोतरी कर 15,000 एवं 30,000 रू किया गया है।


