डेस्कः रेलवे कर्मचारी को-ऑपरेटिव सोसाइटी (अर्बन बैंक) में अवैध तरीके से नियुक्त 17 रेलकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। ईस्ट-सेंट्रल, ईस्ट-कोस्ट और साउथ ईस्टर्न रेलवे कर्मचारी को-ऑपरेटिव सोसाइटी में 2023 में इनकी नियुक्ति की गई थी।
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दरअसल बैंक प्रबंधन ने इन सभी को कुछ माह पहले ही टर्मिनेट करने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर पंद्रह दिन में जवाब मांगा था।ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले है चेयरपर्सन और अन्य उच्च पदाधिकारी सहकारिता मंत्रालय नई दिल्ली से मिलकर लौटे थे और उसके बाद ही यह बड़ी कार्यवाही की गयी है।

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बता दें कि पूर्व बोर्ड आफ डायरेक्टर का कार्यकाल 2015 मे ही समाप्त हो चुका था तथा केन्द्रीय को-ऑपरटिव रजिस्ट्रार ने पत्र देकर पूर्व बोर्ड आफ डायरेक्टर को कोई भी नीतिगत निर्णय लेने, नई नियुक्ति करने आदि पर रोक लगाई थी, साथ ही हाईकोर्ट मुंबई और पूर्व के कई न्यायालय ने भी स्पष्ट किया था कि जिस बोर्ड आफ डायरेक्टर का कार्य काल खत्म हो गया है वह कोई भी नियुक्ति करने का अधिकार नहीं रखता है, लेकिन इसके विरुद्ध जाकर पूर्व बोर्ड आफ डायरेक्टर ने अपने सगे संबंधी, करीबी और घनिष्ठ लोगों को फर्जी और अवैध तरीके से नियुक्त कर दिया था, जिस पर बड़ी कार्यवाही करते हुए यह निर्णय नये बोर्ड आफ डायरेक्टर द्वारा लिया गया है।बताया जा रहा है कि आने वाले समय मे पूर्व डायरेक्टर के उपर भी कार्यवाही की प्रक्रिया चल रही है तथा फॉरेंसिक आडिट टीम द्वारा लगातार नये-नये खुलासे किये जा रहे हैं।




