सरहुल और रामनवमी में जुलूस निकालने की मिली अनुमति

100 से अधिक लोग जुलूस में शामिल नहीं हो सकेंगे
रांची। झारखंड में दो साल बाद सरहुल और रामनवमी के मौके पर शोभायात्रा और झांकिया निकाली जा सकेगी, लेकिन जुलूस में 100 से अधिक संख्या में शामिल नहीं होंगे।
मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के हस्ताक्षर से आपदा प्रबंधन प्राधिकार द्वारा बुधवार को जारी आदेश में बताया गया है कि फिलहाल धार्मिक जुलूस को छोड़ कर अन्य सभी तरह के जुलूस पर रोक रहेगी।
धार्मिक जुलूस में अधिकतम 100 लोगों की क्षमता होगी और अगर किसी जगह जुलूस एकत्रित होता या जुलूस के स्वागत की व्यवस्था होती हैं, तो वहां अधिकतम 100 लोग ही जमा हो सकते हैं। धार्मिक जुलूस में पहले से रिकॉर्ड किया गया संगीत या डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगाया है। वहीं जुलूस में शामिल सदस्यों को अपने हाथों को साफ करना होगा और हर समय मुंह तथा नाक को पूरी तरह ढककर मास्क पहनना होगा। जुलूस में शामिल सभी सदस्यों को अपने हाथों को साफ करना होगा और हर समय मुंह तथा नाक को पूरी तरह से ढककर मास्क पहनना होगा। इन सभी शर्ताें के साथ जिला मजिस्ट्रेट या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी की सहमति से ही जुलूस निकाले जाएंगे।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो सालों से सरहुल और रामनवमी का जुलूस नहीं निकाला जा सका। इस बार कोरोना संक्रमण पर अंकुश के बाद कई शर्त्ताें के साथ जुलूस निकालने की अनुमति दी गयी है। राजधानी रांची में समेत अन्य जनजातीय बहुल क्षेत्रों में 4 अप्रैल को भव्य तरीके से सरहुल की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जबकि 10 अप्रैल को रामनवमी जुलूस भी निकाला जा सकेगा। हजारीबाग, रांची और जमशेदपुर समेत अन्य शहरों में रामनवमी पर भव्य जुलूस निकाला जाता हैं।

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