जमशेदपुर: झारखंड में बीते तीन दिनों से जारी मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। खासकर सरायकेला-खरसावां जिले में बारिश का कहर कुछ अधिक ही देखने को मिल रहा है, जहां शहरी इलाकों में ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सड़कों पर जलजमाव के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
रेलवे पुल के नीचे जलजमाव, संपर्क टूटा
कोलेबिरा के पास स्थित रेलवे पुल के नीचे भारी जलजमाव के चलते जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। लगातार पानी बढ़ने से ग्रामीण इलाकों और शहरी क्षेत्रों के बीच आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
तटीय इलाकों का निरीक्षण, प्रशासन सतर्क
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रभारी एसडीओ निवेदिता नियती ने आदित्यपुर और गम्हरिया के तटीय क्षेत्रों का दौरा किया। उनके साथ अंचल प्रशासन और नगर निगम की टीम भी मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
एहतियात के तौर पर शेल्टर होम तैयार
प्रशासन ने संभावित आपदा से निपटने के लिए नगर निगम को शेल्टर होम और सामुदायिक भवनों में रहने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा मछुआरों को नदी में न उतरने की सख्त हिदायत दी गई है।
खरकई और स्वर्णरेखा नदी उफान पर
लगातार हो रही बारिश के चलते खरकई नदी में जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। वहीं जिले से होकर बहने वाली दोनों प्रमुख नदियां – स्वर्णरेखा और खरकई – उफान पर हैं, जिससे बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।प्रशासन ने आपदा से निपटने के लिए एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा है। ग्रामीणों और शहरी निवासियों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें और अनावश्यक बाहर न निकलें।




