रांची ।रांची जिले के नगड़ी प्रखंड के अंतर्गत चिपरा एवं कुद्लोंग गाँवों में बीएयू द्वारा आईसीएआर के सौजन्य द्वारा वर्ष 2016 से फार्मर्स फर्स्ट प्रोग्राम के तकनीकी हस्तक्षेप कार्यक्रमों को चलाया जा रहा है. बीएयू प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा इन दोनों गाँवों के किसानों के लिए आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी विषयों पर चिपरा गाँव में आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण का समापन मंगलवार को हुआ.
प्रशिक्षण के दौरान कृषि अभियंत्रण वैज्ञानिक डॉ मिंटू जॉब ने किसानों को जीरो टीलेज तकनीक से गेहूं की उन्नत खेती तथा ड्रिप सिंचाई तकनीक से बेमौसमी सब्जियों की खेती की जानकारी दी. मौके पर चिपरा एवं कुद्लोंग गाँवों में जीरो टीलेज तकनीक से गेहूं की खेती से जुड़े 7 जनजातीय किसानों ने खेती के अनुभवों को साझा किया. 2 से 3 सिंचाई की बचत तथा बेहतर फसल प्रदर्शन की बात की. इससे प्रेरित होकर गाँव के जनक उराँव तथा चिलो उराँव ने आगामी रबी मौसम में करीब 10 एकड़ भूमि में जीरो टीलेज तकनीक से गेहूं की खेती करने की बात कही.
डीन वेटनरी डॉ सुशील प्रसाद ने मुर्गी पालन की उन्नत विधि की जानकारी दी. उन्होंने बेक यार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के तहत उन्नत मुर्गी नस्ल झारसिम को अपनाने और इससे मिलने वाले फायदों तथा मुर्गी के रानीखेत बीमारी के लक्षण एवं रोकथाम के बारे में बताया. उद्यान वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार तिवारी ने सब्जियों की वैज्ञानिक खेती तथा कीट एवं रोग का प्रबंधन के आलावा औषधिय पौधों में हल्दी, अदरख एवं ओल की वैज्ञानिक विधि से खेती के बारे में बताया. वानिकी वैज्ञानिक डॉ जय कुमार ने लाह एवं घृतकुमारी की व्यावसायिक खेती की जानकारी दी.
प्रशिक्षण के समापन के मौके पर फार्मर्स फर्स्ट प्रोग्राम के परियोजना अन्वेंषक डॉ निभा बाड़ा ने चिपरा एवं कुद्लोंग गाँवों के किसानों का कार्यक्रमों से जुड़ने हेतु आभार जताया. कहा कि कृषि उत्पादन समस्या के निराकरण से किसानों की आय में बढ़ोतरी ही इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है. विगत 5 वर्षाे में परियोजना अधीन कृषि प्रसार के विभिन्न तकनीकी हस्तक्षेपों के ग्रामीण स्तर पर समावेश से व्यापक बदलाव देखने को मिला है. चिपरा एवं कुदलोंग गाँव के किसान परंपरागत खेती को छोड़ नवीनतम तकनीकों को अपनाकर खुशहाली की ओर आगे बढ़ रहे है.
कार्यक्रम में चिपरा एवं कुदलोंग गाँव के 75 महिला एवं 130 पुरूष सहित कुल 205 जनजातीय किसानों ने भाग लिया. मौके पर आलोका बागे, आकाश कुमार एवं सुरेश महतो सहित सैकड़ो की संख्या में किसान मौजूद थे.
फार्मर्स फर्स्ट प्रोग्राम के तहत चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

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