दो वर्ष बाद रामभक्तों का सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

रांची। झारखंड में दो वर्ष बाद रामनवमी के मौके पर रामभक्तों का जनसैलाब सड़कों पर उमड़ पड़ा। राजधानी रांची और आसपास के सैकड़ों अखरा द्वारा महावीरी ध्वज के साथ जुलूस निकाला गया । जुलूस में आगे-आगे महावीरी पताका और उसके पीछे अखाड़ा के सदस्य, ताशा पार्टी और अस्त्र चालन करते हुए रामभक्त पीछे-पीछे चल रहे थे।
रामनवमी जुलूस में शामिल सभी अखाड़ा के सदस्य सांप्रदायिक सद्भाव की पुरानी परंपरा पेश करते हुए विभिन्न मार्गाें से होते हुए रांची के ओवरब्रिज स्थित तपोवन मंदिर पहुंचा और वहां पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद सभी लोग निर्धारित मार्ग से वापस अखाड़े में लौट गये। इस शोभायात्रा में 2500 छोटे-बड़े अखाड़ा के लाखों सदस्य शामिल हुए। इस दौरान हजारों की संख्या में महावीरी पताका लोग अपने साथ लिये हुए थे। महावीरी जुलूस को लेकर गंगा-जमुनी संस्कृति को मजबूती दिखे विभिन्न धर्म-संप्रदाय के लोग सेवा भाव में जुटे नजर आये। जैसे-जैसे जुलूस आगे बढ़ता गया , इससे दूसरे अखाड़े लोग शामिल होते हुए गये। देखते-देखते शहर की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर के लगभग सभी इलाकों में महावीरी पताका के साथ रामभक्त बजरंगबली के उद्घोष से पूरी राजधानी गूंजयमान रही। जुलूस में शामिल लोग नाच-गा रहे थे और हथियारों के साथ अपने करतब दिखा रहे थे। नृत्य मंडलियों द्वारा अपनी कला बिखेरी गयी, जबकि अनुमान के कई रूप भी दिखे। बाल हनुमान से वृद्ध हनुमान दिखे।पूरे रास्ते में विभिन्न संगठनों की ओर से जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया। उन्हें शरबत, शीतल पेय, आइसक्रीम, संतरा, तरबूज भी खिलाया गया। स्वागत करने वालों में सभी धर्म और वर्ग के लोग शामिल हुए। तपोवन मंदिर में लाखों की भीड़ के बाद जयश्री राम के नारे लगे, इसके बाद शोभायात्रा अपने निर्धारित मार्ग से वापस अपने अखाड़े लौट गयी।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये, ड्रोन कैमरे से निगरानी

रामनवमी जुलूस को लेकर पुलिस पूरे अलर्ट पर रही। शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकाले जाने को लेकर राजधानी रांची के अलग-अलग हिस्सों में 3000 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। इनमें जिला बल, रैफ, इको, रैप की कंपनी लगाई गई है। सारी कंपनियों को प्रतिनियुक्ति स्थल पर तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात नजर आ रहे हैं। जुलूस की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाती रही, वहीं सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधियों पर नजर रखा गया। बड़ी संख्या में सादे लिबास में भी पुलिस अधिकारी तैनात किए गए थे। सुरक्षा को लेकर तीन आइपीएस, 12 डीएसपी, 50 से अधिक इंस्पेक्टर सुरक्षा व्यवस्था में लगे हैं। सिटी एसपी व ग्रामीण एसपी सुरक्षा के वरीय प्रभार में होंगे। जबकि डीसी और एसएसपी खुद पूरी सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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