जंगल की ज़मीन का लुटेरा सुधीर कुमार सिन्हा आख़िरकार गिरफ्तार हो ही गया । जिस अमीन निरीक्षक ने भू-माफिया से मिलिभगत कर हज़ारीबाग़ वन विभाग की 540 एकड़ ज़मीन को गटक गया था उसकी गिरफ्तार धनतेरस के दिन हुई । जिस वक्त सुधीर सिन्हा धनतेरस की शॉपिंग के ख्याल में डूबा था उसी दिन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया । अमीन सुधीर सिन्हा की कहानी कई सालों से सुर्खियों में थी लेकिन ग़ज़ब की सेटिंग और क़ानूनी दाँवपेंच की वजह से अब तक बचता रहा मगर अब उसे जेल की हवा ख़ानी ही पड़ेगी । उसके खिलाफ निगरानी थाने में 42/2010 के तहत मामला दर्ज है । लंबी जाँच पड़ताल के बाद एसीबी की टीम ने सुघीर सिन्हा के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए और उसे धर दबोचा । सुधीर सिन्हा कहने को तो अमीन था लेकिन उसने सरकार की बेशक़ीमती ज़मीन की ऐसी नपाई की कि भू-माफिया की चाँदी हो गई । फ़र्ज़ी हस्ताक्षर, नक्शे में छेड़छाड़, कर उसने कुल 540 एकड़ भूमि को स्थानीय लोगों को ज़मीन दलालों के हाथों सौंप दी । ज़ाहिर सी बात है इसके एवज़ में सुधीर सिन्हा की जेबें इतनी गरम हुई कि मामला दर्ज होने के तेरह साल तक गिरफ्तारी बचता रहा ।



