झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे उन नेताओं में हैं, जो गांधी परिवार के राजनीतिक कार्यकाल के दौरान के कामकाजों पर तथ्य के साथ सवाल उठाते हैं। निशिकांत दुबे ने सवाल-जवाब के इतर सोनिया गांधी के साथ का एक किस्सा सुनाया। एक बार सोनिया गांधी की तबीयत ठीक नहीं थी। वह बीमार हालत में सदन से बाहर आईं और मेरा हाथ पकड़कर खड़ी हो गईं। इसके बाद सांसद निशिकांत दुबे ने अपने और सोनिया गांधी के बीच हुई बातचीत की पूरी कहानी बताई।
निशिकांत दुबे ने इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान बताया कि पार्लियामेंट का आखिरी दिन था और सोनिया जी की तबियत खराब हो गई थी। ये 2024 लोकसभा चुनाव के समय की बात थी। मैं चुनाव की तैयारियों में जाने के लिए सदन के बाहर खड़ा होकर अपनी गाड़ी का इंतजार कर रहा था। तभी सोनिया जी को एक आदमी पकड़ते हुए आयीं और सोनिया जी ने मेरा हाथ पकड़ लिया।
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मैंने सोनिया जी से पूछा, आपकी तबीयत कैसी है? उन्होंने कहा, निशिकांत मेरी तबियत ठीक है। ये मेरा आखिरी है और मैं अब दूसरे हाउस में जा रहीं हूं। इसके बाद उन्होंने कहा, तुम्हारे जैसे आदमी को हाउस में लौटकर आना चाहिए। निशिकांत दुबे ने बातचीत के दौरान बताया कि उस दौरान सोनिया जी का जो आचार-व्यवहार था, वह एक मां की तरह का था।
उनको लगता था कि मेरे बेटे की उम्र का आदमी है और ठीक-ठाक मेहनत करता है, ठीक है हमको गाली देता है। एक मुद्दे पर गाली देता है। व्यक्तिगत चीजों पर गाली नहीं देता है। दरअसल निशिकांत दुबे अक्सर अपने एक्स हैंडल पर नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान के कामकाज पर सवाल उठाते रहते हैं। इस बात को उन्होंने अपने इंटरव्यू के दौरान भी स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि मैं उनके राजनीतिक कार्यकाल से जुड़े कामकाज पर सवाल करता आया हूं और करता रहूंगा, ताकि जनता को इसके बारे में बता सकूं।
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