पलामूः रांची के सिल्ली के घर से रेस्क्यू किया गया रॉयल बंगाल टाइगर पलामू के टाइगर रिजर्व में घूम रहा है । जी हां 24 घंटे से कम समय में इस टाइगर को रांची से पलामू पहुंचा कर जंगल में छोड़ दिया गया । जैसे ही बाघ का पिंजरा खोला गया गुर्राते हुए जंगल की ओर दौड़ा ।
सिल्ली के घर में घुसा था टाइगर
गुरुवार को सिल्ली में एक बाघ का रेस्क्यू किया गया था । गौरतबल है कि खाने की तलाश में जंगल से भटका हाथी जब मारदू गांव के पूरण चंद महतो के घर में दाखिल हुआ तो घरवालों के होश फाख्ता हो गए । सुबह-सुबह हट्टे-कठ्ठे रॉयल बंगाल टाइगर के दर्शन होते ही पूरे गांव में दहशत फैल गई । गनीमत ये रही की जब बाघ घर के अंदर घुसा तो उस वक्त कोई घर में नहीं था ।
बाघ से ऐसे हुआ सामना
पूरण चंद महतो ने बाघ के साथ हुए आमान-सामना की कहानी बयां करते हुए जो कहानी कही उसे सुन कर रोंगटे खड़े हो गए ।पूरण चंद महतो ने बताया कि रात में वो दस बजे सो गए थे और सुबह चार- साढ़े चार बजे गाय और बकरी निकालने के लिए उठे । उनके साथ दो बच्ची भी सो रही थी । दोनों उठ चुकी थी । तभी बच्चियों ने बाघ की आवाज सुनीं और पुरेंद्र महतो को बताया । दोनों बच्ची बाहर ही थी और बच्चियों को अंदर बुलाकर अंदर कमरे में बंद कर दिया। इस दौरान बाघ घर के अंदर दाखिल हो गया । घर के आंगन में बाघ घूम रहा था और दो बच्चियां कमरे में बंद दी । पूरण महतो ने बताया कि जैसे ही बाघ दूसरे कमरे में दाखिल हुआ तो उन्होंने फौरन ही बाहर से दरवाजा बंद कर दिया जिससे बाघ कमरे में ही बंद हो गया । इसके बाद वन विभाग और पुलिस को इसकी खबर दी गई और वन विभाग ने रेस्क्यू किया ।


