डेस्कः 107 दिनों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने के बाद युद्ध समाप्त हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप की ओर से पीस डील का एलान किया गया। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध खत्म होने के एलान के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत की गिरावट हुई।अमेरिका के राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान से युद्ध खत्म करने और होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने के लिए समझौता हो गया है। समझौते पर साइन 19 जून (शुक्रवार) को स्विट्जरलैंड में होंगे। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने होर्मुज में ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म करने की मंजूरी दे दी है।
यूएस-ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते की 14 शर्तें
1.ईरान के तेल, पेट्रोकेमिकल्स और उनसे जुड़े एक्सपोर्ट पर लगी पाबंदियां हटा ली जाएंगी।
2.ईरान को अपने वित्तीय संसाधनों का पूरा एक्सेस फिर से मिल जाएगा।
3. 60 दिनों की बातचीत के दौरान ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर जारी कर दिए जाएंगे। इसमें से 12 अरब डॉलर तो बातचीत शुरू होने से पहले ही जारी कर दिए जाएंगे।
4.अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान के पुनर्निर्माण के लिए करीब 300 अरब डॉलर की योजनाएं पेश करनी होंगी।
5.लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत और हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।
6.अमेरिका ईरान के मामलों में दखल न देने और ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा करेगा।
7.अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी 30 दिनों के अंदर पूरी तरह से हटा ली जाएगी।
8.अमेरिकी सेनाएं ईरान के आसपास के इलाकों से हट जाएंगी।
9.होर्मुज स्ट्रेट को ईरान की व्यवस्था के तहत 30 दिनों के अंदर फिर से खोल दिया जाएगा।
10.परमाणु मुद्दों और पाबंदियों को पूरी तरह हटाने पर आखिरी समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू होगी।
11.ईरान परमाणु हथियार न बनाने के अपने NPT (परमाणु अप्रसार संधि) के वादे को फिर से दोहराएगा।
12.अमेरिका बातचीत के दौरान इस क्षेत्र में सेना न बढ़ाने या नई पाबंदियां न लगाने पर सहमत होगा।
13.एक निगरानी तंत्र इसके कार्यान्वयन पर नज़र रखेगा, और किसी भी अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से मंज़ूरी दी जाएगी।
14.ईरान का मिसाइल प्रोग्राम और रेजिस्टेंस ग्रुप्स (प्रतिरोध समूहों) को समर्थन इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, आखिरी बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक कि 12 अरब डॉलर जारी नहीं हो जाते, तेल पर लगी पाबंदियां हट नहीं जातीं और नाकेबंदी खत्म नहीं हो जाती।







