रांचीः हजारीबाग स्थित ओपन जेल में एक अनोखी शादी देखने को मिली। यहां बंद दो पूर्व नक्सली कमांडरों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नई जिंदगी की शुरुआत की। इस शादी में पूर्व नक्सलियों के साथ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हुए। खास बात यह रही कि पुलिस और प्रशासन के लोग ही इस विवाह में बाराती और घराती की भूमिका में नजर आए। हालांकि, यह शादी फरवरी-मार्च के महीने में हुई थी, लेकिन अब इससे जुड़ी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं।


सरेंडर के बाद जेल में शुरू हुई नई जिंदगी
जानकारी के मुताबिक, रांची के बुंडू थाना क्षेत्र के बारूहातू गांव निवासी पूर्व नक्सली कमांडर सुरेश सिंह मुंडा ने तमाड़ के अराहंगा गांव की रहने वाली सोमवारी हेम्ब्रम से शादी की। सरेंडर के बाद दोनों हजारीबाग स्थित ओपन जेल में रह रहे थे। दोनों ने शादी करने की इच्छा जताई, जिसके बाद जेल परिसर में ही विवाह की व्यवस्था की गई थी।
डीजीपी के निर्देश पर हुई शादी की व्यवस्था
इस विवाह को संपन्न कराने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश पर शादी की व्यवस्था की गई। इसके बाद जेल परिसर में ही विवाह की रस्में पूरी कराई गईं। हजारीबाग के जिला विवाह पदाधिकारी राजेश एक्का ने विवाह का पंजीकरण कराया। शादी में पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस आयोजन में शामिल होकर नवविवाहित जोड़े को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए सहयोग दिया।

नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
इस पहल का उद्देश्य सरेंडर कर चुके नक्सलियों को बेहतर जीवन जीने का अवसर देना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। शादी के जरिए दोनों को नई शुरुआत करने का मौका मिला है। नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर समाज में लौटने वाले लोगों के पुनर्वास और सामाजिक स्वीकार्यता की दिशा में इस तरह की पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीद है कि दोनों अपने नए जीवन की शुरुआत कर समाज के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।






