लोहरदगा : रांची रेल मंडल के रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड पर रविवार को बड़ा तकनीकी संकट सामने आया। इरगांव और लोहरदगा रेलवे स्टेशन के बीच कोयल नदी पर स्थित रेल पुल संख्या 115 के पिलर संख्या चार और पांच के बीच दरार नजर आने के बाद एहतियातन इस रेलखंड पर रविवार सुबह 10 बजे के बाद से सभी ट्रेनों का परिचालन तत्काल बंद कर दिया गया। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेल प्रशासन ने यात्रियों की ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया है, जिससे आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, पुल में दरार की पुष्टि होते ही तकनीकी टीम को मौके पर भेज दिया गया। विशेषज्ञों की टीम पुल की जांच और मरम्मत कार्य में जुटी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मरम्मत कार्य पूरी तरह संतोषजनक नहीं हो जाता, तब तक इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बहाल नहीं किया जाएगा। पिलर में दरार के कारण सोमवार को ट्रेन संख्या 08611 सांतरागाछी-अजमेर स्पेशल (वाया रांची) के रूट में बदलाव किया गया। यह ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग मुरी-रांची-लोहरदगा-टोरी के बजाय मुरी-बरकाकाना-टोरी होकर परिचालित की गई। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पूर्व ट्रेनों की अद्यतन स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

यात्री रेलगाड़ी के परिचालन में बदलाव
ट्रेन संख्या 18635 रांची-सासाराम एक्सप्रेस सात जनवरी तक रांची से रद रहेगी। ट्रेन संख्या 18636 सासाराम-रांची एक्सप्रेस छह जनवरी से आठ जनवरी तक सासाराम से रद रहेगी। 68017/68018 रांची–लोहरदगा–रांची मेमू पैसेंजर सात जनवरी तक लोहरदगा के स्थान पर नगजुआ स्टेशन से आंशिक समापन/आंशिक प्रारंभ करेगी। इस अवधि में नगजुआ–लोहरदगा–नगजुआ के बीच परिचालन रद रहेगा। 68027/68028 रांची–टोरी–रांची मेमू पैसेंजर पांच जनवरी से सात जनवरी तक टोरी के स्थान पर नगजुआ स्टेशन से आंशिक समापन/आंशिक प्रारंभ करेगी। इस दौरान नगजुआ–टोरी–नगजुआ के बीच परिचालन रद रहेगा। इसी तरह 68039/68040 और 68037/68038 रांची–लोहरदगा–रांची मेमू पैसेंजर भी सात जनवरी तक लोहरदगा के स्थान पर नगजुआ स्टेशन से आंशिक समापन/आंशिक प्रारंभ होंगी और नगजुआ–लोहरदगा–नगजुआ के बीच इनका परिचालन रद रहेगा।

यात्री रेल परिचालन बंद होने का व्यापक असर
यात्री ट्रेनों के परिचालन पर रोक का असर सोमवार को भी साफ तौर पर देखने को मिला। लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि बस स्टैंड और प्रमुख सड़कों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रेल सेवा ठप होने से यात्रियों को बसों और निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ा। रेल सेवा बंद होने से व्यापार, शिक्षा, इलाज और रोजगार के लिए यात्रा करने वाले लोगों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोहरदगा के लिए रेल आवागमन जीवनरेखा के समान है। विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों ने पुल की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में हो रहे अवैध बालू खनन पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो रेल संरचना के साथ-साथ जिले के विकास पर भी गंभीर संकट गहराता जाएगा।







