गजा में भूख से मरते बच्चों को देख दुनिया है मौन ! बंगाल के अकाल की याद दिला रही है तस्वीरें

gaza child starvation

गजा: मुस्तफा चार दिनों तक जेब में पैसे भर कर बाज़ार से घर खाली हाथ लौटा। पांचवें दिन जाकर उसे सौ डॉलर में एक किलो दाल मिली तो लकड़ियां जला कर किसी तरह नमक और पानी में दाल उबाली गई । छह वयस्क और नौ बच्चों को कुछ चम्मच दाल पीने को मिली । पूरे परिवार का एक हफ्ते में यह पहला भोजन था । खबर गजा की है । फिनांसियल टाइम्स द्वारा प्रकाशित आलेख का एक हिस्सा है ।

21वीं सदी में लाखों की आबादी भूख से मौत के कगार पर है । पैसे तो हैं लेकिन खरीदने के लिए बाज़ार में कुछ नहीं । ना बच्चों के लिए दूध और ना बड़ों के लिए आटा ।  गजा में हर दिन भूख और कुपोषण से बच्चों की मौत इसलिए हो रही है क्योंकि 7 अक्टूबर 2023 को शुरु हुए इज़राइल और हमास के युद्ध ने गजा को पूरी तरह तबाह कर दिया है । पेशे से ग्राफिक डिज़ाइनर आबिद ने छह डॉलर में एक मुट्ठी चीनी इसलिए खरीदी क्योंकि बच्चे चीन को चाट सके । 

gaza israel

गजा में रहने वालों डॉक्टर्स, प्रोफेसर्स और दूसरे अच्छी जिंदगी जीने वाले भी भूख से कराह रहे हैं। इज़राइल ने गजा में आने वाली हर तरह की रसद की सप्लाई रोक रखी है । तुर्रा ये कि गजा में बैंक बंद हैं । एटीएम में कैश नहीं और इज़राइली करेंसी में बदलने के लिए 45 फीसदी तक की रकम चुकानी पड़ रही है । धीरे-धीरे मरघट में बदल रहा गजा । बच्चे मर रहे हैं । दुनिया देख रही है । मदद के सारे रास्ते इज़राइल ने रोक रखे हैं ।

एपी की ख़बर के मुताबिक़ खान युनूस में  पाँच महीने के एक बेटी को उसकी मां इसरा अबु हलीब  ने दफनाया तो उसका वजन जन्म के समय के वजन से एक किलो कम था ।  गजा में जुलाई महीने में भूख और कुपोषण की वजह  48 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें 20 बच्चे हैं । अस्पतालों में हर दिन सैकड़ों बच्चे कंकाल जैसी हालात में पहुँच रहे हैं ।

अस्पतालों के पास ना तो दवा है और ना ही खिलाने के लिए खाना । हालात इतने ख़राब है कि गजा में 20 लाख लोग भूखमरी के कगार पर हैं। इज़राइल पर अंतरराष्ट्रीय दवाब का कुछ असर नहीं हो रहा ।  गजा में भूखमरी बंगाल के दुर्भिक्ष की याद दिलाती है।

1943 में जब अंग्रेजों ने ख़ासतौर से चर्चिल की वजह से बंगाल में आठ लाख लोगों की मौत भूख की वजह से हो गई थी। अंग्रेजों ने भी अनाज की सप्लाई बंद करा दी थी और अनाज के भंडार नष्ट कर दिए थे  । गजा में भूखमरी दुनिया के माथे पर कलंक है और वक्त रहते बिलखते बच्चों पर रहम नहीं की गई तो 21 वीं सदी का महापाप कहलाएगा 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now