रांचीः गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू का खास कुख्यात मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। अजरबैजान सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद अब उसे भारत लाना बाकी रह गया है। मयंक सिंह को भारत लाने के लिए एटीएस अधिकारियों का डिप्लोमैटिक पासपोर्ट तैयार हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद मयंक सिंह को अजरबैजान से भारत लाने का मामला फंस गया था लेकिन अब रास्ता साफ हो गया है। मयंक सिंह फिलहाल अजरबैजान के बाकू जेल में बंद है।
अभिनेत्री हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की हत्या, दिल्ली में पार्किंग विवाद को लेकर हुआ था झगड़ा
मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा को 28 अक्टूबर 2024 को अजरबैजान में पकड़ा गया था। मिली जानकारी के अनुसार, मयंक सिंह को 23 अगस्त को रांची लाया जाएगा। झारखंड पुलिस की एटीएस (एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड) एसपी ऋषभ झा के नेतृत्व में एक टीम उसे लाने के लिए 19 अगस्त को रांची से रवाना होगी। जिसके बाद उसे प्रत्यर्पण संधि के तहत 23 अगस्त को रांची लाया जाएगा। सुनील मीणा को भारत को सौंपने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। झारखंड पुलिस ने सुनील मीणा के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था।सुनील मीणा राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का रहने वाला है और वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सबसे विश्वसनीय सदस्यों में से एक है।
कपिल शर्मा के कैफे में फिर हुई फायरिंग, कनाडा में हुई इस घटना की गैंगस्टर ने ली जिम्मेदारी
सुनील मीणा पहले काम के लिए मलेशिया गया था, जहां वह रोहित गोदारा, गोल्डी बरार और संपत नेहरा के माध्यम से लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आया। मलेशिया से ही उसने अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। उस पर लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर राजस्थान और पंजाब में हत्या, रंगदारी और गोलीबारी जैसी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है।सुनील मीणा पहली बार तब सुर्खियों में आया जब उसने राजस्थान के तत्कालीन राहत एवं आपदा प्रबंधन मंत्री और कांग्रेस विधायक गोविंद राम मेघवाल से रंगदारी मांगी थी। उसने राजस्थान के एक पेट्रोल पंप मालिक से भी पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी, और जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो सुनील ने उस पर फायरिंग करवा दी थी।
शादीशुदा पुरुष से बनाती रही संबंध और रेप केस कर दिया, फिर रख दी एक शर्त
जांच से पता चला है कि पासपोर्ट रद्द होने के बाद, सुनील मीणा डंकी रूट (अवैध तरीके से विदेश जाने का रास्ता) के जरिए सिंगापुर, ईरान और मेक्सिको होते हुए यूएसए पहुंच गया था.ऐसा कहा जाता है कि वह वहीं से अमन साहू गिरोह के लिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के आपराधिक गिरोहों से सदस्यों की भर्ती कर रहा था।इसके अलावा, वह मयंक सिंह के साथ मिलकर झारखंड, बंगाल और छत्तीसगढ़ में कोयला और परिवहन कंपनियों से रंगदारी वसूलने की योजना भी बना रहा था।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ एकजुट हुए इलाहाबाद HC के 13 जज, फुल कोर्ट बैठक बुलाने की मांग
पिछले साल तक झारखंड पुलिस के लिए मयंक सिंह एक अबूझ पहेली बना हुआ था. एटीएस की जांच में यह बात सामने आई की इंटरनेट कॉल के जरिये झारखंड के कारोबारियों को दहशत में डालने वाला मयंक सिंह असल में सुनील कुमार मीणा है। सुनील कुमार मीणा मयंक सिंह के छदम नाम का प्रयोग कर झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर रहे अमन साहू के लिए काम करता था। झारखंड में शायद ही कोई ऐसा कारोबारी हो जिसे मयंक के द्वारा इंरनेट कॉल पर धमकी न दी गई हो। मयंक उर्फ सुनील मीणा के खिलाफ एटीएस थाने सहित झारखंड के एक दर्जन थानों में कई मामले दर्ज हैं।




