पटना, 13 मार्च 2026:बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) पटना परिसर में आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित अंतर-महाविद्यालयीन खेल महोत्सव “प्रक्रीड़ा 2026” का आज भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि BIT पटना के निदेशक प्रो. डी. के. मल्लिक रहे, जबकि आयोजन के संयोजक डॉ. सुरेश यादव ने पूरे आयोजन का संचालन किया।उद्घाटन समारोह की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में गुब्बारों के विमोचन (Balloon Release) के साथ हुई, जिसने खेल भावना, ऊर्जा और एक सकारात्मक सामाजिक संदेश का प्रतीकात्मक संचार किया।

अपने संबोधन में प्रो. डी. के. मल्लिक ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन हैं। उन्होंने विशेष रूप से “महिला सशक्तिकरण” जैसे सामाजिक मुद्दों पर प्रक्रीड़ा 2026 की थीम की सराहना करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में यह पहल अत्यंत सराहनीय है।
इस वर्ष प्रक्रीड़ा 2026 में तीन राज्यों 3 states Jharkhand, Bihar, West Bengal
Colleges : IIT KGP , NIT PATNA , NSIT , BIT DEOGHAR , LNMI, BEC, IEM KOLKATA , BIT SINDRI, CNLU PATNA, AIIMS PATNA, CIMAGE, XAVIERS PATNA , MIT& others के विभिन्न जिलों से आई टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT खड़गपुर, NIT पटना, AIIMS पटना, BIT देवघर, BIT सिंदरी, IEM कोलकाता, NSIT, LNMI,AN, PWC सहित कई अन्य महाविद्यालयों के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया है।
खेल महोत्सव में प्रतिभागी विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जिनमें क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, शतरंज, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, कैरम सहित कई अन्य खेल शामिल हैं। साथ ही, आयोजन में दर्शकों और प्रतिभागियों के मनोरंजन के लिए फन ज़ोन भी तैयार किया गया है, जिसमें पिकलबॉल जैसे आकर्षक खेलों की व्यवस्था की गई है।
विशेष रूप से क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों में महिला खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी खेलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के संदेश को और अधिक मजबूत बना रही है।
प्रक्रीड़ा 2026 केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि युवा ऊर्जा, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता का उत्सव बनकर उभर रहा है, जहाँ खेल के मैदान से समाज को एक सकारात्मक संदेश देने की पहल की जा रही है। आयोजन के आगामी दिनों में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे और खेल प्रेमियों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

अपने संबोधन में प्रो. डी. के. मल्लिक ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन हैं। उन्होंने विशेष रूप से “महिला सशक्तिकरण” और “दहेज प्रथा के विरुद्ध जागरूकता” जैसे सामाजिक मुद्दों पर प्रक्रीड़ा 2026 की थीम की सराहना करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में यह पहल अत्यंत सराहनीय है।इस वर्ष प्रक्रीड़ा 2026 में पांच से अधिक राज्यों तथा बिहार के विभिन्न जिलों से आई टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIT खड़गपुर, NIT पटना, AIIMS पटना, BIT देवघर, BIT सिंदरी, IEM कोलकाता, NSIT, LNMI,AN, PWC सहित कई अन्य महाविद्यालयों के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया है।

खेल महोत्सव में प्रतिभागी विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जिनमें क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, शतरंज, लॉन टेनिस, बास्केटबॉल, कैरम सहित कई अन्य खेल शामिल हैं। साथ ही, आयोजन में दर्शकों और प्रतिभागियों के मनोरंजन के लिए फन ज़ोन भी तैयार किया गया है, जिसमें पिकलबॉल जैसे आकर्षक खेलों की व्यवस्था की गई है।
विशेष रूप से क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेलों में महिला खिलाड़ियों की सक्रिय भागीदारी खेलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के संदेश को और अधिक मजबूत बना रही है।
प्रक्रीड़ा 2026 केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि युवा ऊर्जा, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता का उत्सव बनकर उभर रहा है, जहाँ खेल के मैदान से समाज को एक सकारात्मक संदेश देने की पहल की जा रही है। आयोजन के आगामी दिनों में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे और खेल प्रेमियों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।


