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बीजेपी और कांग्रेस का गठबंधन कुछ ही घंटों में टूटा, किरकिरी के बाद लिया फैसला

बीजेपी और कांग्रेस का गठबंधन कुछ ही घंटों में टूटा, किरकिरी के बाद लिया फैसला

डेस्कः देश की दो सबसे बड़ी और परस्पर विरोधी राजनीतिक पार्टियों के बीच गठबंधन की खबर ने राजनीतिक भूचाल ला दिया। महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में सियासी घमासान के बीच कुछ ही घंटों में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन टूट गया। बुधवार को महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव कांग्रेस और बीजेपी के बीच जैसे ही गठबंधन की खबर आई दोनों ही पार्टियों की किरकिरी होने लगी। इसके बाद दोनों ओर से डैमेज कंट्रोल शुरू हुआ, एक ओर जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गठबंधन पर आपत्ति जताई तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने अंबरनाथ में अपनी पूरी संगठनात्मक इकाई को ही भंग कर दिया।

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बता दें कि अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की पार्टी का खेल बिगाड़ने के लिए दोनों दल साथ आए थे। लेकिन ये समीकरण ज्यादा नहीं टिक पाया।अब कांग्रेस ने अंबरनाथ के ब्लॉक अध्यक्ष को सस्पेंड किया है। बीजेपी के साथ स्थानीय स्तर पर अलायंस करने के लिए उनपर एक्शन हुआ है।

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क्या है कांग्रेस की कार्रवाई?
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ के निर्देश के बाद वहां पार्टी की कमिटी निलंबित कर दिया गया है। पार्टी ने अंबरनाथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस के सभी निर्वाचित पार्षदों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया गया है। इसके अलावा अंबरनाथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी को भंग कर दिया गया है।

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सीएम फडणवीस ने लगाई थी फटकार
कांग्रेस के एक्शन से पहले सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अंबरनाथ और अकोला में कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन करने के आरोप में भाजपा नेताओं की कड़ी आलोचना की और कार्रवाई की चेतावनी दी थी। उन्होंने साफ किया था कि इस तरह के गठबंधन पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मंजूरी के बिना किए गए हैं और संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन करते हैं।
फडणवीस ने कहा था, ‘मैं यह स्पष्ट कर रहा हूं कि कांग्रेस या AIMIM के साथ किसी भी तरह का गठबंधन स्वीकार्य नहीं होगा। अगर किसी स्थानीय नेता ने ऐसा फैसला अपनी मर्जी से लिया है, तो यह अनुशासन के विरुद्ध है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने आगे कहा कि ऐसे गठबंधनों को रद्द करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

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अंबरनाथ नगर परिषद का समीकरण
अंबरनाथ नगर परिषद में कुल 59 पार्षद हैं। पिछले निकाय चुनाव में एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। सत्ता में साझीदार बीजेपी 15 पार्षदों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें हासिल कर तीसरा नंबर पाया। अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एपी) को चार सीटें मिली थीं।लंबे समय से शिवसेना के कब्जे वाली अंबरनाथ नगर परिषद में इस बार समीकरण बदले। दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद बीजेपी ने शिवसेना (शिंदे) को सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस से गठबंधन किया। इस गठबंधन को ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ नाम दिया गया,जिसके पास 31 पार्षदों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े 30 से एक अधिक है।

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