रांचीः बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के निधनर पर झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने शोक व्यक्त किया है । उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर अपनी श्रद्धांजलि दी है । सुशील मोदी का निधन कैंसर के इलाज के दौरान दिल्ली के एम्स में हो गया ।
बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी जी के असामयिक निधन की खबर से स्तब्ध हूं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें।
अंतिम जोहार ! 🙏
— Champai Soren (@ChampaiSoren) May 13, 2024
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सुशील मोदी के निधन पर शोक संदेश दिया है ।
श्री सुशील कुमार मोदी जी का आकस्मिक निधन एक अपूरणीय क्षति है। सौम्य स्वभाव, कुशल प्रशासक के रूप में योगदान तथा सार्वजनिक जीवन में शुचिता उनके व्यक्तित्व और कृतित्व में परिलक्षित होते थे। बिहार के उप-मुख्यमंत्री, संसद सदस्य और राज्य की विधायिका के दोनों सदनों के सदस्य के रूप में…
— President of India (@rashtrapatibhvn) May 13, 2024
बीजेपी विधायक सीपी सिंह भी श्रद्धांजलि देते हुए अपनी पुरानी तस्वीर पोस्ट की है ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वरीय साथी, छात्र आंदोलन एवं छात्र राजनीति के पुरोधा, 1974 से लगातार जिनके साथ काम करने और सीखने का अवसर प्राप्त हुआ ऐसे बड़े भाई और भाजपा के वरिष्ठ नेता आदरणीय श्री सुशील कुमार मोदी जी के असामयिक निधन की खबर से मन बेहद व्यथित है। उनका पूरा जीवन… pic.twitter.com/uqS4GTN6EW
— CP Singh (मोदी का परिवार) (@bjpcpsingh) May 13, 2024
आजसू पार्टी के मुखिया सुदेश महतो ने भी सुशील मोदी को श्रद्धांजलि दी है ।
बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यसभा सांसद श्री सुशील कुमार मोदी जी के निधन की अत्यंत दुःखद सूचना मिली। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। शोक संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।
भावभीनी श्रद्धांजलि 🙏#SushilModi #Bihar #OmShanti pic.twitter.com/Eg1mpfNnTI
— Sudesh Mahto (@SudeshMahtoAJSU) May 13, 2024
जेपी आंदोलन से निकले थे सुशील मोदी
जेपी आंदोलन से उपजे सुशील मोदी ने बिहार में बीजेप की लंबे समय तक सेवा की है। एक तरह से वे बिहार बीजेपी का दशकों तक चेहरा रहे । सुशील मोदी मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को पटना में हुआ था। इनके माता का नाम रत्ना देवी तथा पिता का नाम मोती लाल मोदी था। इनका विद्यालय जीवन पटना के सेंट माइकल स्कूल में हुई। इसके बाद इन्होने बी.एस.सी. की डिग्री बी.एन. कॉलेज, पटना से प्राप्त की। बाद में इन्होने एम.एस.सी. का कोर्स छोड़ दिया जयप्रकाश नारायण द्वारा चलाये गए आंदोलन से राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।
जब पहली बार बने विधायक
1990 में सुशील मोदी ने संसदीय राजनीति की शुरुआत पटना केंद्रीय विधानसभा (जिसे अब कुम्हरार विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र) के रूप में जाना जाता है) से चुनाव लड़ा । 1 99 0 में, उन्हें बीजेपी बिहार विधानसभा दल के मुख्य सचेतक बनाया गया था। 1996 से 2004 तक वह राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। उन्होंने पटना हाईकोर्ट में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ जनहित याचिका दायर की, जिसे बाद में चारा घोटाले के रूप में जाना जाता था। 2004 में वह भागलपुर के निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकसभा के सदस्य बने।
बिहार के बने उपमुख्यमंत्री
2005 में बिहार चुनाव में, एनडीए सत्ता में आया और मोदी को बिहार बीजेपी विधानमंडल पार्टी के नेता चुना गया। उन्होंने बाद में लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और बिहार के उपमुख्य मंत्री के रूप में पदभार संभाला। कई अन्य विभागों के साथ उन्हें वित्त पोर्टफोलियो दिया गया था। 2010 में बिहार चुनावों में एनडीए की जीत के बाद, वह बिहार के उप मुख्यमंत्री बने रहे।



