तुल्सयान राईस मिल प्रा० लि० का औचक निरीक्षण, पाई गई भारी अनियमितताएं

रांची। रांची के जिला आपूर्ति पदाधिकारी-सह-जिला प्रबंधक, झारखण्ड राज्य खाद्य निगम द्वारा आज मेसर्स एसएमवी एग्रो प्रोड्क्ट्स प्रा० लि० टाटीसिलवे और मेसर्स तुल्सयान राईस मिल प्रा० लि०, टाटीसिलवे का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में पायी गई अनियमितता

मेसर्स एस०एम०वी० एग्रो प्रोड्क्ट्स प्रा० लि० टाटीसिलवे, राँची द्वारा 29 लॉट आरओ दिया गया है। 28 लॉट आरओ के विरूद्ध 28 लॉट का धान उठाव कर लिया गया है, जबकि मिलिंग क्षमता के अनुरूप 100 से अधिक सीएमआर जमा हो जाना चाहिए था। दिनांक 4मार्च को भी मात्र 17 लॉट धान क्रय केन्द्रों में पड़ा था। सीएमआर नहीं देने के कारण आरओ निर्गत नहीं हो सका एवं क्रय बाधित है।
मेसर्स एस०एम०वी० एग्रो प्रोड्क्ट्स प्रा० लि० टाटीसिलवे, राँची के प्रतिनिधि मुकेश कुमार द्वारा बताया गया कि मिल की मिलिंग क्षमता 10एमटी प्रति घंटा । निरीक्षण के क्रम में राईस मिल के परिसर में दो राईस मिल चालू हालत में कार्यरत पाये गये।
जिला प्रबंधक के साथ किये गये एकरारनामा में एक इकाई को छुपाया गया है।मिल के बॉयलर ऑपरेटर, कुंदन कुमार द्वारा बताया एवं दिखाया गया कि 6 एमटी प्रति घंटा और 12 एमटी प्रति घंटा के दो बॉयलर 24 घंटे कार्यरत है। अधोहस्ताक्षरी द्वारा पाया गया कि दोनों ही यूनिट में बड़े पैमाने पर व्यवसायिक कार्य किये जा रहे है परंतु सरकारी आदेश अर्थात् 30प्रतिशत क्षमता का उपयोग सरकारी कार्यों के लिए नहीं किया जा रहा है।
मेसर्स तुल्सयान राईस मिल प्रा० लि०, टाटीसिलवे द्वारा किसी प्रकार के स्टॉक पंजी का संधारण नहीं किया गया। मिल के प्रतिनिधि रवि जायसवाल द्वारा बताया गया कि मिल की मिलिंग क्षमता 6प्रतिघंटा है। अबतक मात्र 01 लॉट ब्डत् दिया गया है। यहाँ व्यवसायिक कार्य द्रुत गति से करते हुए सरकारी कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। ब्डत् नहीं दिये जाने के कारण धान अधिप्राप्ति केन्द्र, नामकोम में धान का क्रय पूर्णतः बाधित है।
मेसर्स एस०एम०वी० एग्रो प्रोड्क्ट्स प्रा० लि० टाटीसिलवे, राँची एवं मेसर्स तुल्सयान राईस मिल प्रा० लि०, टाटीसिलवे, राँची द्वारा सरकार के महत्वकांक्षी योजना, जो स्थानीय किसानों के हित से जुड़ा है, उसे प्रभावित किया जा रहा है। जिला प्रशासन के आदेश एवं निर्देशों की अवहेलना करते हुए निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में ब्डत् दिया गया है। स्पष्ट है कि इस गति से कार्य करने से किसान धान में तो नहीं बेच पायेंगे बल्कि थक-हार के मिल को औने-पौने दाम में बेचने के लिए मजबूर हो जायेंगे। राज्य सरकार के संकल्प से स्पष्ट निदेश दिया गया है कि मिलर को मात्र 30ः कार्य सरकार का करना है परंतु मेसर्स एस०एम०वी० एग्रो प्रोड्क्ट्स प्रा० लि० टाटीसिलवे, एवं मेसर्स तुल्सयान राईस मिल प्रा० लि०, टाटीसिलवे, रांची द्वारा सरकार के निदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।

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