रांची: झारखंड में परीक्षा धांधली के खिलाफ जारी आंदोलन के बीच रविवार को स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के मध्य वार्ता संपन्न हुई।इस दौरान 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा रद करने और मामले की उच्च स्तरीय समिति से जांच कराने पर सहमति बन गई है।
आंदोलनकारी समूह के प्रवक्ता रविंद्र रवि ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के साथ हुई बैठक में 14वीं JPSC PT परीक्षा के अलावा JPSC की वर्ष 2023 और 2025 की दोनों बैकलॉग परीक्षाओं को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।इसके अतिरिक्त, भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच CID, ED और सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में कराने पर सहमति बनी है।
हालांकि, छात्र प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग पर कायम हैं। इसी मांग को लेकर छात्रों ने सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा का शांतिपूर्ण घेराव करने की घोषणा की है।दूसरी ओर, प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रविवार को ही झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
10 अगस्त को शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव का एलान
मुख्य मांगों पर सहमति न बनने के कारण छात्र प्रतिनिधियों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। छात्र अगुआ देवेंद्रनाथ महतो ने मंत्रियों द्वारा वीडियो कॉल पर अनशन खत्म करने की अपील को ठुकराते हुए स्पष्ट किया कि लिखित आदेश मिलने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।







