भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच करेंगे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा, 36 बिरादरियों की महापंचायत बोली- ‘भरत तिवारी नगर’ बसाओ, यही सच्ची श्रद्धांजलि

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June 24, 2026

पटनाः भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक तापमान बिहार ही नहीं पूरे देश में गर्म है। बुधवार को भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद महापंचायत हुई। 36 बिरादियों की महापंचायत ने भरत तिवारी के संघर्ष और जनहित के कार्यो को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि भरत तिवारी ने जवइनिया गांव के कटाव पीड़ित परिवारों की समस्याओं और उनके पुनर्वास स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई थी। वे विस्थापित परिवारों के हक और अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे थे।महापंचायत ने जवइनिया गांव के कटाव पीड़ितों के पुनर्वास स्थल का नाम ‘भरत तिवारी नगर’ रखने की मांग की।

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वहीं दूसरी ओर बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। राज्य मंत्रिपरिषद ने इस घटना की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया गया है।सरकार का मानना है कि न्यायिक जांच से घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पड़ताल हो सकेगी। इससे मामले को लेकर उठ रहे विभिन्न सवालों के जवाब भी सामने आ सकेंगे।
सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज करेंगे जांच की अगुवाई
बिहार कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है।आयोग को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने और तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा के नेतृत्व में जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
17 जून की पुलिस कार्रवाई की होगी विस्तृत पड़ताल
यह मामला भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। घटना के बाद इसे लेकर लगातार चर्चा बनी हुई थी।बुधवार (24 जून, 2026) को न्यायिक जांच के गठन को सम्राट कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई. अब देखना होगा कि जांच के बाद कब तक परिवार को न्याय मिलता है।
फर्जी एनकाउंटर का किया जा रहा दावा
बता दें कि घटना के दिन का जो वीडियो सामने आया है उसमें यह दिख रहा है कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने हथियार फेंक दिया था और सरेंडर कर दिया था। ऐसे में परिजनों और अन्य लोगों का आरोप है कि पुलिस ने सरेंडर करने के बाद भरत तिवारी को गोली मारी है जो हर तरह से गलत है। इसके बाद 20 जून को सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच कराने की बात कही थी।
सम्राट चौधरी ने 20 जून को अपने एक्स पोस्ट में लिखा था, “भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में दिनांक 17.06.2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है। न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ जांच सुनिश्चित करना है।”
दूसरी ओर इस घटना में सरकार में हो दो फाड़ हो चुका है। एनडीए के कई नेता इस एनकाउंटर के खिलाफ बयान दे चुके हैं। सम्राट चौधरी से मीडिया ने सवाल किया था तो उन्होंने चुप्पी साध ली थी। अब न्यायिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। कई नेताओं ने इस पर कहा भी है कि न्यायिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद किसी तरह की कोई टिप्पणी करनी चाहिए।

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