डेस्कः पश्चिम बंगाल की रहने वाली प्रोफेसर अर्पिता चटर्जी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को घेरने चली थी, लेकिन अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर वो खुद घिर गई। राहुल गांधी पर सवाल उठाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर की अंग्रेजी को लेकर ही सवाल उठने लग गए है। उनके पोस्ट में अंग्रेजी ग्रामर की गलतियों की भरमार है, सोशल मीडिया पर उनका दांव उल्टा अब गया और यूजर्स उन्हें ही ट्रोल कर रहे है।
पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनके पास अंग्रेजी और एजुकेशन में दो मास्टर डिग्री हैं, बी.एड. किया है और वह पीएचडी भी कर रही हैं। इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि अगर उनके मुताबिक ‘अंधभक्त’ बेवकूफ होते हैं, तो क्या वह भी बेवकूफ हैं? अर्पिता का पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके सवाल से ज्यादा उनकी अंग्रेजी पर ध्यान देना शुरू कर दिया।कई लोगों ने दावा किया कि पोस्ट में कई ग्रामर की गलतियां हैं। यूजर्स ने लिखा कि अगर किसी के पास अंग्रेजी में मास्टर डिग्री है, तो उससे ऐसी गलतियों की उम्मीद नहीं की जाती।कई लोगों ने उनके पोस्ट की लाइनें कॉपी करके बताया कि उन्हें कैसे लिखा जाना चाहिए था।
Dear @RahulGandhi , I am a proud Andhbhakt and an assistant professor, having two master’s degree(English and Education), having B.Ed. Degree too and pursuing PhD.
According to you an Andhbhakt is an IDIOT.
Am I an IDIOT ! Are you sure ?
— Arpita Chatterjee (@asliarpita) July 29, 2026
ग्रामर सुधारने लगे यूजर्स
कुछ यूजर्स ने लिखा कि "having two master's degree" की जगह "having two master's degrees" होना चाहिए था. वहीं "pursuing a PhD" लिखना सही माना गया।
कई लोगों ने मजाक करते हुए लिखा कि राहुल गांधी पर बहस कम हुई, लेकिन पोस्ट पढ़कर लोगों की इंग्लिश ग्रामर की क्लास जरूर लग गई।


दो हिस्सों में बंट गए सोशल मीडिया यूजर्स
हालांकि, सभी लोग अर्पिता की आलोचना नहीं कर रहे थे।कुछ यूजर्स ने उनका समर्थन भी किया।उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर लिखते समय छोटी-मोटी ग्रामर की गलतियां किसी भी व्यक्ति से हो सकती हैं और सिर्फ इन्हीं गलतियों के आधार पर किसी की योग्यता पर सवाल नहीं उठाना चाहिए।

फिलहाल, अर्पिता चटर्जी का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जहां एक तरफ लोग इसे राजनीतिक पोस्ट मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में यूजर्स इसे अंग्रेजी ग्रामर की बहस में बदल चुके हैं।







