प्रिंसिपल मैडम ऐसे लड़ती रहीं कि गली के बच्चों को शर्म आ जाए, Bishop Johnson School के इस वायरल वीडियो में Principal की कुर्सी पर बैठने के लिए दिखी जंग

प्रिंसिपल मैडम ऐसे लड़ती रहीं कि गली के बच्चों को शर्म आ जाए, बिशप जॉनसन स्कूल के इस वायरल वीडियो को देखकर उठ जाएगा गुरुजी से भरोसा

ऐसा झगड़ा देखने को तो बच्चों का भी नहीं मिलता है जिस तरह से स्कूल की प्रिंसिपल मैडम और प्रबंधकों ने झगड़ा किया । प्रिंसिपल मैडम कुर्सी पर ऐसी चिपकीं की उठने का नाम तक नहीं ले रही है… जबरन उठाने की कोशिश की गई तो अंग्रेजी में कह रही हैं डोंट टच मी… अब महिला प्रिंसिपल को कोई पुरुष टीचर या प्रबंधक टच करेगा तो ऐसा ही ना कहेगीं ना मैडम….
एक तरह लोग कह रहे हैं यू ऑर नॉट ए प्रिंसिपिल.. दूसरी ओर प्रिंसिपल मैडम कह रही हैं डोंट टच मी.. डोंट टच मी.. पीली साड़ी पहनी हुई महिला कुर्सी से उठने का नाम नहीं ले रही हैं । यहां तक की जबरन कुर्सी से हटाने के बावजूद.. आलम यह था सामने से मेज तक हटा दी गई.. आखिरकार नीली साड़ी पहनी हुई महिला को प्रिंसिपल की कुर्सी पर बैठाया गया । इसके बाद कमरे में मौजूद सारे शिक्षक तालियां बजाने लगे।

प्रयागराज के बिशप जॉनसन गर्ल्स हाई स्कूल में प्रिंसिपल की कुर्सी को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। इस हंगामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मॉरिस एडगर दान नामक व्यक्ति अपने समर्थकों के साथ स्कूल में घुसते हुए और मौजूदा प्रिंसिपल को कुर्सी से हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

Bishop Johnson School के इस वायरल वीडियो में Principal की कुर्सी पर बैठने के लिए दिखी जं’ग #shorts

क्या हुआ?

मॉरिस एडगर दान, जो खुद को इस स्कूल का प्रबंधक बताते हैं, अपने समर्थकों के साथ मंगलवार को स्कूल पहुंचे।
उन्होंने जबरदस्ती प्रिंसिपल के चैंबर में घुसकर उन्हें हटा दिया और एक नए प्रिंसिपल को पदभार ग्रहण करवा दिया।
इस दौरान मौजूदा प्रिंसिपल और उनके समर्थकों के बीच हंगामा हुआ।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
क्या है विवाद?

मॉरिस एडगर दान का दावा है कि उन्हें स्कूल का प्रबंधक नियुक्त किया गया है, जबकि मौजूदा प्रिंसिपल का कहना है कि उन्हें हटाने की कोई प्रक्रिया नहीं है।
इस घटना को लेकर स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल ने बिशप मॉरिस एडगर दान और अन्य लोगों पर लूट, धमकी और बदसलूकी का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है।
लोगों की प्रतिक्रियाएं:

सोशल मीडिया पर लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं और व्यवस्था परिवर्तन के इस तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।
कुछ लोगों का कहना है कि कानूनी तरीके से ही प्रिंसिपल को बदला जाना चाहिए था, हंगामे से नहीं।
वहीं, कुछ लोग मॉरिस एडगर दान का समर्थन भी कर रहे हैं।
यह मामला अभी भी विवादित है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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