पटनाः बिहार के मौसम ने करवट बदल ली है और फरवरी के आखिरी हफ्ते में ही राज्य के कई जिलों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है।पटना मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, कैमूर 31.1 डिग्री के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा। इस साल अल नीनो के प्रभाव के चलते मार्च और अप्रैल में सामान्य से कहीं अधिक गर्मी पड़ने के आसार हैं।
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मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, 28 फरवरी के बाद से तापमान में क्रमिक वृद्धि होने के साथ गर्मी का प्रभाव दिखने लगेगा।बिहार में होली के बाद गर्मी के तेवर और अधिक तीखे होने के आसार हैं। मार्च में ही मई वाली जलन महसूस होगी। पश्चिमी विक्षोभ के इस बार कमजोर पड़ने के कारण मौसम में बदलाव की संभावना है।होली के दौरान राज्य का अधिकतम तापमान 32-35 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। इस बार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने और वर्षा की कमी के कारण मार्च से गर्मी का प्रभाव दिखने लगेगा।
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उत्तरी भागों की तुलना में दक्षिणी भाग अधिक गर्म रहेगा। सोमवार को राज्य का न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस के साथ भागलपुर सबौर में दर्ज हुआ, जबकि पटना का न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।राज्य का न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस से 18.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। राजधानी सहित आसपास इलाकों में मौसम शुष्क होने के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रहे।राजधानी का अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस एवं 31.1 डिग्री सेल्सियस के साथ कैमूर का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। राजधानी सहित राज्य के ज्यादातर भागों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
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राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान सबौर में 12.2 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि कई जिलों में यह 13-14 डिग्री के आसपास रहा। पटना सहित कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री तक बना हुआ है। दिन और रात के तापमान में लगभग 15 डिग्री का अंतर महसूस किया जा रहा है, जो फरवरी के लिए असामान्य माना जा रहा है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल बारिश या ठंडी लहर की संभावना नहीं है। शुष्क पछुआ हवाओं और कम नमी के कारण तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा।अगले तीन-चार दिनों में अधिकतम तापमान 2-3 डिग्री तक और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने, पानी साथ रखने और मौसम के उतार-चढ़ाव से सावधान रहने की सलाह दी है। मौसम का यह शुरुआती बदलाव संकेत दे रहा है कि इस साल गर्मी सामान्य से ज्यादा तेज हो सकती है, जिसका असर खेती, बाजार और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ेगा।




