रांचीः झारखंड के 35 हलार स्कूलों में 8 सितंबर से लेकर 13 सितंबर तक अभिभावक-शिक्षक मीटिंग होगी। इसमें क्षेत्र के सांसद-विधायक समेत जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी रहेंगे। इस संबंध में मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों को पत्र भेज कर इस आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित करने को कहा है। पीटीएम में छात्रों को नियमित उपस्थिति, बच्चों की उपलब्धि, पेरेंटिंग, परीक्षाफल, स्वच्छता आदि पर अभिभावकों से चर्चा होगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस प्रयास से राज्य में शैक्षिक वातावरण विकसित होगा। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को माता-पिता एवं अभिभावक का समय-समय पर विद्यालयों में चल रहे बेहतर प्रयासों को जानने व बच्चों की शिक्षण क्षमता के स्तर के विषय पर शिक्षक से चर्चा करने की महत्पपूर्ण जिम्मेवारी को समझते हुए स्कूलों में त्रैमासिक अभिभावक शिक्षक बैठक(PTM) आयोजित की जाती है।
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निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 और समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत 6-18 आयु वर्ग के सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराना और उनकी 12वीं तक की शिक्षा पूर्ण कराना राज्य की प्राथमिकता है।इसके लिए विद्यालयों में माता-पिता और अभिभावकों की सक्रिय रूप से भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह भी आवश्यक है कि स्थानीय समुदाय और विद्यालय के बीच निरंतर वार्ता हो और सभी मिलकर बेहतर विद्यालय संचालन में अपना योगदान दें। इस उद्देश्य से स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से यह पहल की गई है। आठ सितंबर से 13 सितंबर तक राज्य के 35000 सरकारी विद्यालयों में द्वितीय वार्षिक शिक्षक अभिभावक बैठक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राज्य में सितंबर के बाद तीसरी वार्षिक अभिभावक शिक्षक बैठक आठ से 16 दिसंबर के बीच आयोजित की जाएगी।



