पाकुड़ : अमड़ापाड़ा बाजार में ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाकर की गई हथियारबंद लूट का पुलिस ने महज 10 दिनों में खुलासा कर दिया है। दो सितंबर को किशुन वर्मा ज्वेलर्स में हुई वारदात के बाद पुलिस ने जांच का दायरा कई जिलों तक बढ़ाया और तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके पास से लूटे गए करीब एक किलो चांदी के आभूषण के अलावा हथियार, कारतूस, नकदी, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल दो बाइक बरामद की हैं। शनिवार को एसपी अनुदीप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान देवघर के मोहनपुर थाना क्षेत्र के चितरपोका निवासी 27 वर्षीय प्रवीण कुमार उर्फ पारो उर्फ प्रवीण कुमार यादव, बांका के बंधुआकुरावा थाना क्षेत्र के तिवारीचक निवासी 19 वर्षीय हर्ष आनंद उर्फ हर्ष यादव और बांका के बौंसी थाना क्षेत्र के दलिया बौंसी निवासी 22 वर्षीय कमल कुमार किशोर उर्फ कमल यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाशों की निशानदेही पर दो देशी कट्टा, एक पिस्टल, 7.65 एमएम के पांच और .315 एमएम के दो जिंदा कारतूस तथा पिस्टल की खाली मैगजीन बरामद हुई। इसके अलावा करीब एक किलो चांदी के आभूषण, पांच ट्रे, दुकान के नाम वाले तीन थैले, आभूषण नापने की मशीन, छह प्लास्टिक के डिब्बे और जेवर गलाने में इस्तेमाल होने वाले पत्थर के दो टुकड़े भी मिले। पुलिस ने 12,700 रुपये नकद, काले रंग की पैशन प्रो और पल्सर एन-160 बाइक तथा तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
छह टीमों ने संभाली थी जांच की कमान
दुर्गा मंदिर के समीप स्थित किशुन वर्मा ज्वेलर्स में तीन हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोलकर लूट की थी। दुकान संचालक आकाश वर्मा के बयान पर अमड़ापाड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार के नेतृत्व में छह टीमों वाली एसआइटी गठित की। टीम ने मानवीय सूचना के साथ वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर आरोपितों तक पहुंच बनाई।

कई जिलों में दर्ज हैं प्रवीण के खिलाफ मामले
एसपी ने बताया कि प्रवीण कुमार का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ देवघर, बोकारो, जामताड़ा और गोड्डा में लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, 2025 में जामताड़ा और 2026 में गोड्डा की ज्वेलरी दुकानों में हथियार के बल पर हुई लूट में भी उसका नाम सामने आया था। देवघर के कई थाना क्षेत्रों में हुई लूट और डकैती की घटनाओं में भी पुलिस को उसकी तलाश थी। अमड़ापाड़ा लूटकांड के उद्भेदन के बाद पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पूर्व की वारदातों से इनके संबंधों की भी पड़ताल कर रही है।






