रांची: संताल परगना के प्रभारी प्रमंडलीय आयुक्त की जिम्मेदारी संभालने के बाद शैलेन्द्र कुमार लाल ने आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट थी।
शैलेन्द्र कुमार लाल का दुमका से करीब 22 वर्ष पुराना संबंध रहा है। उन्होंने करीब दो दशक पहले दुमका में प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। लंबे अंतराल के बाद अब वे उसी क्षेत्र में नई प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ लौटे हैं।

नई जिम्मेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि दुमका में पूर्व में काम करने के अनुभव का लाभ लेते हुए वे अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से निभाने का प्रयास करेंगे। पुराने कार्यक्षेत्र में नई भूमिका में वापसी को लेकर उन्होंने सकारात्मक भाव भी व्यक्त किया।
छह जिलों में बेहतर समन्वय पर रहेगा जोर
मीडिया से बातचीत में प्रभारी प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि संताल परगना के सभी छह जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों की बेहतर टीम काम कर रही है। उनका प्रयास रहेगा कि लोक कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा में बेहतर तरीके से हो।
उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही लोगों की आकांक्षाओं और भावनाओं का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर संताल परगना को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
लंबित जमीन मामलों के निष्पादन पर फोकस
संताल परगना में लंबे समय से लंबित जमीन और राजस्व मामलों को लेकर आयुक्त ने कहा कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने का प्रयास किया जाएगा। इससे लंबे समय से लंबित भूमि विवादों के समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि हर प्रशासनिक पद अपने साथ अलग तरह की चुनौतियां लेकर आता है। फिलहाल क्षेत्र की परिस्थितियों और लंबित मामलों को समझने के बाद प्राथमिकताएं तय कर बेहतर तरीके से काम किया जाएगा।
आयुक्त ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने, योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और लंबित मामलों के निष्पादन पर जोर दिया। संताल परगना में छह जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।







